गरियाबंद जिले के साहेबीन कछार गांव के 200 से अधिक ग्रामीणों ने अपनी आठ सूत्रीय मांगों को लेकर नेशनल हाईवे 130C जाम कर दिया

Chhattisgarh Crimesगरियाबंद जिले के साहेबीन कछार गांव के 200 से अधिक ग्रामीणों ने अपनी आठ सूत्रीय मांगों को लेकर नेशनल हाईवे 130C जाम कर दिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि सरकारी आश्वासनों के बावजूद शिक्षक, सड़क और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाएं अभी तक पूरी नहीं हुई हैं।

उदंती सीता नदी अभ्यारण्य के कोर जोन में बसे साहेबीन कछार के इन ग्रामीणों ने आज सुबह नेशनल हाईवे 130C पर पहुंचकर चक्का जाम किया। इस प्रदर्शन के कारण हाईवे के दोनों ओर यात्री बसों और अन्य वाहनों की आवाजाही थम गई है। प्रदर्शन का नेतृत्व ग्राम प्रमुख अर्जुन नायक और रूपसिंह मरकाम कर रहे हैं।

सूचना मिलने पर इन्दागांव पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास कर रही है। तहसीलदार और एसडीओपी भी घटनास्थल पर पहुंच गए हैं। हालांकि, ग्रामीणों का कहना है कि वे बार-बार प्रशासन के आश्वासनों से थक चुके हैं और इस बार अपनी मांगें पूरी होने के बाद ही प्रदर्शन समाप्त करेंगे।

ग्रामीणों की आठ सूत्रीय मांगों में मुख्य रूप से बम्हनीझोला से ओडिशा सीमा तक 25 किलोमीटर पक्की सड़क का निर्माण शामिल है। वे इंदागांव में स्थानांतरित किए गए आदिवासी कन्या छात्रावास और कन्या शाला साहेबिनकछार को मूल स्थान पर वापस संचालित करने और उनके भवन निर्माण की भी मांग कर रहे हैं।

अन्य मांगों में सभी विद्युत विहीन गांवों में शीघ्र विद्युतीकरण, ग्राम पंचायत साहेबिनकछार के आश्रित ग्रामों (करलाझर, साहेबिनकछार, नागेश, कोदोमाली) में वर्ष 2023 से स्वीकृत मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना के तहत अधूरे शाला भवनों को पूर्ण करना शामिल है।

ग्रामीण माध्यमिक शाला साहेबिनकछार में युक्त-युक्तिकरण के तहत नियुक्त एक अनुपस्थित शिक्षक को तत्काल पदभार ग्रहण कराने, साहेबिनकछार में लगाए गए जियो टॉवर को तुरंत चालू कराने, उप-स्वास्थ्य केंद्र करलाझर में विद्युत और नल-जल आपूर्ति शुरू कराने, और अधूरी पड़ी नल-जल योजना को पुनः चालू कराने की भी मांग कर रहे हैं।आश्वासन मिला पर काम नहीं हुआ_ 28 अक्टूबर को ग्रामीणों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंप अपनी 8 सूत्रीय मांगों से अवगत कराया था।अर्जुन नायक ने बताया कि पिछले 3 साल में हर उस जगह अपनी मांगों को अवगत कराया गया था जहां से उम्मीद दिख रही थी।सभी स्थानों पर केवल धोखा मिला।बार बार के आश्वासन से थक चुके ग्रामीण इस बार आर पार की लड़ाई का मन बना कर अल सुबह से सड़क को जाम किया है।

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