
वहीं आज सुबह से ही बस्तर के सातों जिले में बंद का असर दिख रहा है। संभागीय मुख्यालय जगदलपुर में सारी व्यापारिक प्रतिष्ठानें बंद हैं। क्रिसमस से एक दिन पहले प्रदेश बंद है, वहीं बस्तर में कहीं कोई हिंसक घटनाएं न हों जाएं इसलिए पुलिस फोर्स ने भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। जगह-जगह जवानों को तैनात किया गया है।
घटना की जांच की मांग
विश्व हिंदू परिषद के जिला अध्यक्ष रवि ब्रम्हचारी ने कहा कि, कांकेर में स्थानीय जनजाति समाज पर हुई इस घटना की जांच होनी चाहिए। जांच के लिए एक कमेटी बननी चाहिए। ऐसी घटनाओं में शामिल रहने वाले अधिकारियों को हटा दिया जाए।
गांव-गांव में जो चर्च बने हैं इसको लेकर जांच की जाए क्या वाकई में ग्राम सभा कर चर्च का निर्माण किया गया है या नहीं। यदि प्रस्ताव पारित कर नहीं बने हैं तो तोड़ाने का काम करें।
बस्तर चैंबर ऑफ कॉमर्स का मिला समर्थन
बस्तर चैंबर ऑफ कॉमर्स ने मंगलवार (23 दिसंबर) की शाम एक बैठक की। इस बैठक में अध्यक्ष श्याम सोमानी, महामंत्री नवरतन जलोटा समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।
बैठक में निर्णय लिया गया कि कांकेर के आमाबेड़ा में मिशनरियों की तरफ से जनजातीय समाज के लोगों पर हुए हमले, स्थानीय प्रशासन के भेदभाव पूर्ण रवैये को देखते और धर्मांतरण के खिलाफ इस बंद का समर्थन करती है। इस बंद से आवश्यक और इमरजेंसी सेवा को दूर रखा जाएगा।