
जानकारी के मुताबिक पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प में महिला थाना प्रभारी कमला पुषाम घायल हो गई हैं। उन्हें फौरन अस्पताल पहुंचाया गया। रायगढ़ DSP सुशांतो बनर्जी ने बताया कि पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद हैं। अतिरिक्त पुलिस बल तैनात है।
बताया जा रहा है कि 14 गांव के लोग JPL कोयला खदान की प्रस्तावित जनसुनवाई के खिलाफ 15 दिनों से धरने पर बैठे हैं। ग्रामीणों को कंट्रोल करने के लिए फिलहाल बड़ी संख्या में फोर्स तैनात है। भीड़ ने 3 गाड़ियों में आग लगाई है। इनमें एक SDM की गाड़ी बताई जा रही है। हालांकि इसकी पुष्टि नहीं है।
जानिए क्या है पूरा मामला ?
दरअसल, तनाव पूर्ण माहौल को देखते हुए भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है। बताया जा रहा है कि सुबह करीब 35 से 40 प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में लिया था। इनमें राधेश्याम शर्मा भी शामिल बताए जा रहे हैं। इसी के बाद माहौल और ज्यादा बिगड़ने की बात कही जा रही है।
वहीं यह भी कहा जा रहा है कि पुलिस कुछ लोगों को हिरासत में लेने के बाद कोल खदान की गाड़ियों को पार करा रही थी, तभी खुरुसलेंगा में भारी वाहन की चपेट में आने से एक ग्रामीण घायल हो गया। इससे ग्रामीणों की नाराजगी बढ़ गई।
इस दौरान तमनार थाना प्रभारी समझाइश दे रही थी, तभी आक्रोशित महिलाओं ने मारपीट की। इसके बाद पुलिस पर पथराव किया गया। घटना से जुड़े वीडियो भी सामने आए हैं, जिसमें प्रदर्शनकारी हमला करते नजर आ रहे हैं।
जिन महिलाओं ने पीटा, उन्हीं ने पानी भी दिया
वहीं एक वीडियो में महिलाएं तमनार थाना प्रभारी कमला पुषाम से मारपीट करती नजर आ रही हैं, जबकि दूसरे वीडियो में वही महिलाएं उन्हें पानी पिलाती दिखाई दे रही हैं। पथराव और झड़प के दौरान घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है, जबकि गांव में बाहरी लोगों को जाने नहीं दिया जा रहा है।
भीड़ ने तीन वाहनों में आग लगा दी
वहीं, उपद्रव के दौरान तीन वाहनों में आग लगा दी गई। इनमें से एक वाहन एसडीएम का बताया जा रहा है। घटना की गंभीरता को देखते हुए मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। स्थिति पर नजर रखी जा रही है। प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।