
प्रदर्शन का नेतृत्व युवा मोर्चा नेता आयुष कुमार मिश्रा ने किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की। बड़ी संख्या में भाजपा और युवा मोर्चा के कार्यकर्ता इस प्रदर्शन में शामिल हुए। कार्यक्रम में किशन ठाकुर, आयुष मिश्रा, योगेंद्र नहरेल, एकलव्य केवट और आकर्ष सिंह सहित कई पदाधिकारी उपस्थित थे।
भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने कहा- किसी संत को राजनीतिक एजेंट कहना सनातन संस्कृति पर आघात
भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने कहा कि भारत ऋषि-मुनियों और संतों की भूमि है। संत-महात्माओं का सम्मान हमारी संस्कृति और परंपरा का अभिन्न अंग है। उन्होंने आरोप लगाया कि किसी संत को राजनीतिक एजेंट कहना न केवल व्यक्तिगत अपमान है, बल्कि सनातन संस्कृति पर सीधा आघात भी है।
यह प्रदर्शन प्रदेश भाजयुमो अध्यक्ष राहुल टिकरिया के आह्वान और जिला अध्यक्ष अंकुर गुप्ता के निर्देश पर आयोजित किया गया था। कार्यकर्ताओं ने संकल्प लिया कि सनातन संस्कृति के विरुद्ध किसी भी प्रकार की टिप्पणी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
हाल ही में भूपेश बघेल द्वारा बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री पर की गई टिप्पणी और टीएस सिंहदेव के कुछ बयानों को लेकर प्रदेश भर में भाजपा और हिंदू संगठनों में रोष देखा जा रहा है। मरवाही में किया गया यह पुतला दहन इसी विरोध का एक हिस्सा है।