
इस अवसर पर भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष राहुल योगराज टिकरिहा ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सहित कई कांग्रेसी नेताओं ने सनातन धर्म का विरोध किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भूपेश बघेल अंतरराष्ट्रीय कथावाचक पं. प्रदीप मिश्रा और पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का विरोध कर रहे हैं। टिकरिहा के अनुसार, इससे प्रतीत होता है कि कांग्रेस नेताओं को इन कथावाचकों का विरोध करने के लिए किसी ने स्क्रिप्ट दी है।
टिकरिहा ने आगे कहा कि जब रामसेतु की बात आई थी, तब कांग्रेसियों ने इसे काल्पनिक बताया था और भगवान राम को भी काल्पनिक कहा था। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि राम मंदिर बनने और आमंत्रण मिलने के बाद भी गांधी-परिवार दर्शन करने नहीं गया।
भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष बोले- कांग्रेस ने साधु-संतों का अपमान किया
भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस नेताओं ने लगातार उनके मान-बिंदुओं और साधु-संतों का अपमान किया है। उन्होंने पंडित प्रदीप मिश्रा के प्रवचन और शिव-भक्ति के प्रति लोगों के उत्साह का जिक्र किया। टिकरिहा ने बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने सनातन को जागृत करने का काम किया है।
टिकरिहा बोले- कांग्रेस का अस्तित्व धीरे-धीरे खत्म होगा
टिकरिहा ने यह भी कहा कि धर्मांतरण कराने वालों से दिल्ली में मुलाकात कर उन्हें संरक्षण देने वालों को सनातन धर्म और साधु-संतों पर बोलने का अधिकार नहीं है। उन्होंने दावा किया कि सनातन का लगातार विरोध करने वाली कांग्रेस पार्टी अब कुछ राज्यों तक ही सीमित रह गई है और आने वाले समय में उसका अस्तित्व समाप्त हो जाएगा।
भाजयुमो जिला अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस पार्टी शुरू से ही साधु-संतों और सनातनियों की विरोधी रही है, और यही उसके पतन का कारण भी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत साधु-संतों का देश है और उनका अपमान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।