
उन्होंने कहा कि, भूपेश ने लखमा की पूछपरख नहीं की। कांग्रेस सरकार के दौरान चुनिंदा नेताओं को राजनीतिक साजिश के तहत फंसाया गया। लखमा को जानबूझकर निशाना बनाया गया। उनके अनपढ़ होने का फायदा उठाकर उनके खिलाफ साजिश रची गई। अगर जांच निष्पक्ष है तो फिर बेटे को राहत और आदिवासी नेता अभी तक सलाखों के पीछे क्यों हैं?
वहीं, छत्तीसगढ़ पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा कि, बिना गुनाह साबित हुए ईडी का इस्तेमाल कर सरकार सजा दे रही है। चैतन्य बघेल, कवासी लखमा, देवेंद्र यादव और हेमंत सोरेन के साथ यही हुआ है। सरकार जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है।
शराब घोटाले को सत्ता का संरक्षण
भाजपा प्रवक्ता देवीलाल ठाकुर ने कहा कि, कांग्रेस शासनकाल में शराब घोटाला सत्ता संरक्षण में चला। अब जब जांच एजेंसियां कार्रवाई कर रही हैं, तो कांग्रेस इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बता रही है। भूपेश बघेल अपने बेटे को बचाने के लिए जांच प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय घोटाले को दबाने की कोशिश की गई। आदिवासी नेताओं का कांग्रेस में अपमान होता है। कवासी लखमा की तरह वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज भी इसी तरह से प्रताड़ना के शिकार हैं।
बिना गुनाह साबित हुए सजा दे रही भाजपा सरकार- सिंहदेव
वहीं, चैतन्य बघेल की रिहाई को लेकर पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने केंद्र सरकार और जांच एजेंसियों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि, ईडी का इस्तेमाल कर लोगों को दोष सिद्ध होने से पहले ही सजा दी जा रही है, जो कानून के मूल सिद्धांतों के विपरीत है।
सिंहदेव ने कहा कि, कानून का आधार यह है कि जब तक अपराध साबित न हो, व्यक्ति को निर्दोष माना जाता है, लेकिन यहां जांच जारी रहते हुए ही सजा दी जा रही है। 2014 के बाद से केंद्रीय जांच एजेंसियों के इस्तेमाल में तेजी आई है।
उन्होंने कहा कि चैतन्य बघेल ही नहीं, बल्कि कवासी लखमा, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, दिल्ली के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री और देवेंद्र यादव जैसे नेताओं के साथ भी यही हुआ है। उन्होंने इसे देश में एक गलत परंपरा की शुरुआत बताया।
चैतन्य बघेल शनिवार को हुए थे रिहा
छत्तीसगढ़ शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूर्व CM भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल शनिवार को रायपुर सेंट्रल जेल से रिहा हो गए हैं। दैनिक भास्कर से चैतन्य बघेल ने कहा कि बदले की कार्रवाई की गई है। राजनीति द्वेष में कार्रवाई की गई है।
वहीं दैनिक भास्कर से बातचीत में भूपेश बघेल ने कहा कि यह लड़ाई आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस तरह से ED, IT और EOW का दुरुपयोग किया गया, वह आज उजागर हो गया है। केंद्र और राज्य सरकार की जांच एजेंसियों का राजनीतिक उद्देश्य से इस्तेमाल किया गया।
बघेल ने कहा कि उनके बेटे की गिरफ्तारी एक साजिश के तहत की गई थी। उसे हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। चैतन्य की रिहाई उसके बेटे के जन्मदिन के दिन हुई, जबकि ED ने चैतन्य के जन्मदिन पर गिरफ्तारी कर खुशी में खलल डालने की कोशिश की थी।