
दरअसल, उत्तर-पश्चिम भारत के ऊपर हवा की ऊपरी परतों में एक मौसमीय सिस्टम (पश्चिमी विक्षोभ) एक्टिव है। इसी के साथ उत्तर भारत में ऊंचाई पर भी सिस्टम (पश्चिमी जेट स्ट्रीम) बना हुआ है। इसकी रफ्तार करीब 140 नॉट्स (करीब 260 किमी/घंटा) है। इस तरह हिमालय से आ रही तेज हवाएं प्रदेश में ठंड बढ़ा रही है।
वहीं पिछले 24 घंटे की बात करें तो प्रदेश में सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान 28.4°C दुर्ग में दर्ज किया गया। सबसे कम न्यूनतम तापमान 3.5°C अंबिकापुर में रिकॉर्ड किया गया।
इन जिलों में जारी किया गया अलर्ट
सरगुजा, जशपुर, सूरजपुर, बलरामपुर, कोरिया, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, रायपुर, बलोदाबाजार, गरियाबंद, धमतरी, महासमुंद, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, राजनांदगांव, दुर्ग, बालोद, कबीरधाम, मोहल्ला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, बेमेतरा इन जिलों में विभाग ने शीत लहर का यलो अलर्ट जारी किया है।
सिनोप्टिक सिस्टम के चलते बढ़ेगी ठंड
पश्चिमी विक्षोभ हिमालय और उत्तर भारत से ठंडी हवाओं को नीचे की ओर धकेलता है। वहीं तेज जेट स्ट्रीम इन हवाओं को तेजी से मध्य भारत की तरफ आगे बढ़ा देती है, नतीजा यह होता है कि उत्तर भारत की ठंड छत्तीसगढ़ तक पहुंचने लगती है।
इसी वजह से रात का तापमान तेजी से गिरता है। सुबह-शाम ठंड ज्यादा महसूस होती है, कुछ इलाकों में शीतलहर की स्थिति बन जाती है। उदाहरण के साथ समझाया जाए तो मान लीजिए जैसे फ्रिज का दरवाजा खुला रह जाए और पंखा चलने लगे तो ठंडी हवा दूर तक फैल जाती है।
यहां पश्चिमी विक्षोभ फ्रिज है और जेट स्ट्रीम पंखा, जो ठंडी हवा को छत्तीसगढ़ तक पहुंचा रहा है।
यात्री प्रतीक्षालय में ठंड से मौत
7 जनवरी को कोरबा के सरई सिंगार निवासी हरप्रसाद भैना (55) की मौत ठंड लगने से हो गई। उनकी लाश कसईपाली के यात्री प्रतीक्षालय में मिली। हरप्रसाद मंगलवार को रलिया गांव में छठी कार्यक्रम में शामिल होने के बाद पैदल घर लौट रहे थे।
रात की ठंड में थकान के कारण वे प्रतीक्षालय में सो गए थे। बुधवार सुबह लोगों ने उनकी लाश देखी। शव की स्थिति और मौके की परिस्थिति देखकर उनकी ठंड से मौत होने की आशंका जताई जा रही है।