
रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मौजूदा सरकार का आखरी बजट पेश कर दिया है। खास बात ये है कि, छत्तीसगढ़ की जनता के लिए कोई नया कर नहीं लागू होगा। नवा रायपुर से दुर्ग तक लाइट मेट्रो सेवा शुरू की जाएगी। पेंशन राशि बढ़ा दी गई है के साथ बेरोजगारी भत्ता बढ़ाकर 250 करोड़ रुपए किया गया है।
मुख्यमंत्री भूपेश बोले, हमने छत्तीसगढ़ का मान बढ़ाया है। वार्षिक आय जिनकी 2.5 लाख से कम है, उन्हें दो साल तक ढाई हजार रुपए बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा। निराश्रित पेंशन की राशि 350 से बढ़ाकर 500 रुपए किया जाएगा। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मासिक मानदेय बढ़ाकर 6.5 हजार से 10 हजार किया गया है। सहायिका का मानदेय 3.5 से 5 हजार बढ़ाया गया है।
छत्तीसगढ़ सरकार की प्रमुख घोषणाएं
- राज्य मार्गों के लिए 180 करोड़ का प्रावधान
- रेलवे ओवरब्रिज निर्माण के लिए 50 करोड़ का प्रावधान
- कबीरधाम में नवीन जंगल सफारी के लिए दो करोड़ राशि, नवा रायपुर के जंगल सफारी के उन्नयन के लिए 11 करोड़ की राशि मंजूर।
- अंतागढ़, कटघोरा, सरायपाली में अपर क्लेक्टर कार्यालय, सात नई तहसीलों का गठन होगा।
- राजस्व भूमि का पुनः सर्वेक्षण रडार के जरिए, 7 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
- राजिम माघी पुन्नी मेला के विकास एवं सुविधाओं के लिए 20 करोड़ 73 लाख का प्रावधान किया गया।
- मुख्यमंत्री वृक्ष सम्पदा योजना, 100 करोड़ का प्रावधान।
- कौशल्या समृद्धि योजना की शुरुआत की जाएगी।
- आवास योजना के तहत 3 हजार 2 सौ 38 करोड़ का प्रावधान।
- सड़कों के लिए 500 करोड़ का प्रावधान।
- सुदूर क्षेत्रों में मोबाइल मेडिकल यूनिट की स्थापना हेतु 5 करोड़ की मंजूरी
- स्वच्छ जल पहुंचाने 2 हजार करोड़ रुपए का मंजूरी
- अंतागढ़, कटघोरा, सरायपाली में अपर क्लेक्टर कार्यालय, सात नवीन तहसीलों का गठन होगा।
- राजस्व भूमि का दोबारा सर्वेक्षण रडार के जरिए 7 करोड़ का प्रावधान।
- राजिम माघी पुन्नी मेला के विकास एवं सुविधाओं के लिए 20 करोड़ 73 लाख का प्रावधान
- गीदम और मनेंद्रगढ़ में भी मेडिकल कॉलेज बनेगा।
- सभी तहसील कार्यालयों में सीसीटीवी लगाने के लिए 2 करोड़ 20 हजार का प्रावधान
- मेकाहारा अस्पताल में 700 बिस्तर वाले अस्पताल के लिए 85 करोड़ का प्रावधान
- किसान न्याय योजना के लिए 6 हजार 800 करोड़ो राशि की मंजूरी
- शिक्षित बेरोजगारों को बेरोजगारी भत्ता देने की नई योजना शुरू की जाएगी।
- 2500 रुपए प्रति माह बेरोजगारी भत्ता दो वर्ष तक दिया जाएगा।
- आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को10 हजार रुपये प्रतिमाह दिया जाएगा।
- आंगनबाड़ी सहायिकाओं को 3550 से बढ़ाकर 5 हजार भत्ता दिया गया
- ग्राम पटेल को दिए जा रहे 2 हजार रुपये को 3 हजार करने की घोषणा।
- राज्य के पर्व त्योहार, आपत्ति विपत्ति में सहयोग करने वाले होम गार्ड के मानदेय में वृद्धि।
- मुख्यमंत्री कन्या विवाह सहायता राशि में बढ़ोतरी राशि 25 हजार से बढ़ाकर 50 हजार की गई
- रीपा का शहरी क्षेत्र में भी स्थापना होगा
- 101 नवीन स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल खोले जाएंगे
- नवा़ रायपुर से दुर्ग तक लाइट मेट्रो बनेगी
- मनेन्द्रगढ़, जांजगीर- चांपा, कबीरधाम में नवीन मेडिकल कॉलेज बनेगा।
- बैकुंठपुर में नवीन हवाई पट्टी, कोरबा में व्यावसायिक पट्टी निर्माण का प्रावधान।
- 97 नवीन न्यायालयों की स्थापना के लिए 23 करोड़ 25 लाख का प्रावधान।
- झीरम में स्पोर्ट्स अकादमी की स्थापना होगी।
- राज्य रिसर्च फेलो योजना की शुरुआत की जाएगी।
- नवा रायपुर में कॉर्मिसयल हब की स्थापनी होगी। 5 करोड़ का प्रावधान
- मुख्यमंत्री धरोहर दर्शन योजना शुरू की जायगी।
• राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना को इस वर्ष ग्रामीण क्षेत्र के साथ-साथ नगर पंचायत क्षेत्र के लिए भी विस्तार किया जाएगा।
• महिलाओं तथा बच्चों के पोषण एवं टीकाकरण हेतु प्रदेश भर में संचालित 46 हजार 660 आगनबाड़ी केन्द्रों में कार्यरत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को दी जाने वाली मासिक मानदेय की राशि 06 हजार 500 रु. प्रति माह से बढ़ाकर 10 हजार रू. प्रति माह की जाएगी। आंगनबाड़ी सहायिकाओं का मानदेय 03 हजार 250 रू. से बढ़ाकर 05 हजार रू प्रति माह किया जाएगा।
• मिनी आंगनवाडी कार्यकर्ताओं का मानदेय 04 हजार 500 रू. से बढ़ाकर 07 हजार 500 रु. प्रति माह किया जाएगा।
• गर्भवती महिलाओं को संस्थागत प्रसव के लिए प्रोत्साहन से लेकर स्वास्थ्य विभाग की हर छोटी-बड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन में सहयोग प्रदान करने वाली मितानिन बहनों को पूर्व से दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि के अतिरिक्त राज्य मद से 22 सौ रू. प्रति माह की दर से मानदेय दिया जाएगा।
• ग्राम कोटवारों को सेवा भूमि के आकार के अनुसार अलग-अलग दरों पर मानदेय दिया जाता है। पूर्व प्रचलित मानदेय की राशि 22 सौ 50 रूपए को बढ़ाकर 03 हजार रूपए, 33 सौ 75 रूपए को बढ़ाकर 04 हजार 05 सौ रूपए., 04 हजार 50रूपए को बढ़ाकर 55 सौ रूपए एवं 04 हजार 05 सौ रूपए को बढ़ाकर 06 हजार रूपए प्रति माह किया जाएगा। ग्राम पटेल को दिये जा रहे 02 हजार रूपए मासिक मानदेय की राशि को बढ़ाकर 03 हजार रूपए किया जाएगा।
• मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम अंतर्गत स्कूलों में दोपहर का भोजन बनाने वाले रसोईयों को दी जा रही मानदेय की राशि रूपये 01 हजार 05 सौ को बढ़ाकर 01 हजार 08 सौ रू. प्रति माह किया जाएगा। विद्यालयों में कार्यरत स्वच्छता कर्मियों का मानदेय भी 25 सौ रू से बढ़ाकर 28 सौ रू प्रति माह किया जाएगा।
• राज्य के पर्व-त्यौहार, आपत्ति विपत्ति एवं विभिन्न प्रशासनिक कार्यों के दौरान कानून व्यवस्था को बनाये रखने में सहयोग प्रदान करने वाले होमगार्ड के जवानों के मानदेय में न्यूनतम 06 हजार 300 रूपए से अधिकतम 06 हजार 420 रूपए प्रति माह की वृद्धि की जाएगी।
• स्वावलंबी गोठानों की संचालन समिति के अध्यक्ष को 750 रूपए एवं सदस्यों को 500 रूपए मानदेय दिया जाएगा। इस मानदेय की पात्रता केवल अशासकीय सदस्यों को होगी।
• मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना अंतर्गत दी जाने वाली सहायता राशि को 25 हजार से बढाकर 50 हजार किया जाएगा। इसके लिए बजट में 38 करोड का प्रावधान।
• प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में आधुनिकतम एवं उच्च गुणवत्ता की मूलभूत सुविधाओं के विकास हेतु अधोसंरचना विकास के कार्यों को प्राथमिकता दी जायेगी। नगरीय क्षेत्रों में विभिन्न शहरी अधोसंरचना निर्माण कार्यों के लिए 01 हजार करोड़ का प्रावधान।
• महात्मा गांधी ग्रामीण औद्योगिक पार्क की स्थापना के तर्ज पर शहरी क्षेत्र में भी औद्योगिक पार्क की स्थापना की जायेगी। औद्योगिक पार्कों में लघु एवं कुटीर उद्योगों की स्थापना के प्रोत्साहन हेतु 50 करोड़ का प्रावधान।
• प्रदेशवासियों को आवागमन हेतु सहज, सस्ता एवं आधुनिक साधन उपलब्ध कराने के लिए नवा रायपुर, अटल नगर से दुर्ग तक लाइट मेट्रो सेवा शुरू करने का प्रस्ताव।
• शासकीय शालाओं में प्रवेशित विद्यार्थियों को पब्लिक स्कूलों की भांति अंग्रेजी माध्यम से उत्कृष्ट शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से वर्ष 2020-21 में स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालय योजना प्रारंभ की गई है। वर्तमान में 247 अंग्रेजी माध्यम एवं 32 हिन्दी माध्यम स्वामी आत्मानंद विद्यालयों में 02 लाख 38 हजार 961 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत है। इस वर्ष 101 नवीन स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालय खोलने का प्रस्ताव। योजना के लिए 08 सौ 70 करोड का प्रावधान।
• मनेन्द्रगढ़, गीदम, जांजगीर चांपा एवं कबीरधाम जिले में नवीन चिकित्सा महाविद्यालयों की स्थापना की जायेगी। बजट में इसके लिए 200 करोड़ का प्रावधान।
• कोरबा पश्चिम में नवीन ताप विद्युत गृह की स्थापना की जायेगी। बजट में इसके लिए 25 करोड़ का प्रावधान।
आर्थिक स्थिति
• मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य की आर्थिक स्थिति का ब्यौरा सदन के सामने प्रस्तुत किया। राज्य के चालू वर्ष के आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार स्थिर भाव पर वर्ष 2021-22 की तुलना में चालू वर्ष के सकल राज्य घरेलू उत्पाद में 08 प्रतिशत की वृद्धि का अग्रिम अनुमान है। जबकि इसी अवधि में भारत सरकार के सकल घरेलू उत्पाद में 07 प्रतिशत की वृद्धि अनुमानित है।
• वर्ष 2022-23 में स्थिर भाव पर कृषि क्षेत्र में भारत सरकार की अनुमानित वृद्धि दर 3.5 प्रतिशत की तुलना में राज्य में 5.93 प्रतिशत की दर से वृद्धि का अनुमान है। स्थिर भाव पर औद्योगिक क्षेत्र में भारत सरकार की अनुमानित वृद्धि दर 4.1 प्रतिशत की तुलना में राज्य में 7.83 प्रतिशत की दर से वृद्धि का अनुमान है। स्थिर भाव पर सेवा क्षेत्र में भारत सरकार की अनुमानित वृद्धि दर 9.1 प्रतिशत की तुलना में राज्य में 9.21 प्रतिशत की दर से वृद्धि का अनुमान है। इस प्रकार कृषि, उद्योग एवं सेवा तीनों ही क्षेत्र में राज्य की वृद्धि दर केन्द्र से अधिक अनुमानित है।
• प्रचलित भाव पर राज्य का सकल घरेलू उत्पाद वर्ष 2021-22 में 04 लाख 06 हजार 416 करोड़ से बढ़कर वर्ष 2022-23 में 04 लाख 57 हजार 608 करोड़ होने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 12.60 प्रतिशत अधिक है।
• वर्ष 2021-22 में प्रति व्यक्ति आय 01 लाख 20 हजार 704 रूपये की तुलना में वर्ष 2022-23 में 01 लाख 33 हजार 898 रूपये होने का अनुमान है, जो कि गत वर्ष की तुलना में 10.93 प्रतिशत अधिक है।
• वर्ष 2022-23 के राज्य बजट में केन्द्रीय करों एवं केन्द्रीय सहायता अनुदान मद में कुल 44 हजार 573 करोड़ का प्रावधान रखा गया था। वर्ष 2023-24 के केन्द्रीय बजट को देखते हुए इस वर्ष राज्य के बजट में कुल 49 हजार 800 करोड़ की राशि केन्द्र से प्राप्त होने का अनुमान है।
• वर्ष 2022-23 के बजट में राज्य के स्वयं के कर एवं करेत्तर राजस्व से कुल 44 हजार 500 करोड़ की प्राप्ति का अनुमान था। वर्ष 2023-24 में राज्य के राजस्व स्रोतों से 56 हजार 200 करोड़ प्राप्त होने का अनुमान है। इस प्रकार केन्द्रीय प्राप्तियों में 11.73 प्रतिशत एवं राज्य के राजस्व प्राप्तियों में 26.30 प्रतिशत की वृद्धि अनुमानित है।
स्कूल शिक्षा विभाग के लिए 19 हजार 489 करोड़ रुपए
- आत्मानंद अंग्रेजी मीडियम स्कूल के लिए 870 करोड़ रुपए
- सर्व शिक्षा अभियान के लिए 1380 करोड़ रुपए
- प्रधानमंत्री पोषण शक्ति के लिए निर्माण के लिए 681 करोड़ रुपए
- राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान के लिए 60 करोड़
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के लिए 10 हजार 329 करोड़ रुपए
- प्रधानमंत्री आवास योजना- 3238 करोड़ रुपए, प्रधानमंत्री सड़क योजना- 789 करोड़ रुपए
- राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन- 494 करोड़ रुपए, मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ी परब सम्मान निधि- 5 करोड़ रुपए
- ग्राम पंचायत भवनों में जल संवर्धन 50 करोड़ रुपए, मुख्यमंत्री समग्र ग्रामीण विकास योजना 200 करोड़ रुपए
- मनरेगा के लिए- 1902 करोड़ रुपए, मुख्यमंत्री ग्राम एवं सड़क योजना 319 करोड़ रुपए
- स्वच्छ भारत मिशन- 400 करोड़ रुपए, रूरल इंडस्ट्रियल पार्क 149 करोड़ रुपए, ग्रामीण यात्रिंकी सेवा 189 करोड़ रुपए
कृषि विभाग के लिए 10 हजार 70 करोड़ रुपए
- राजीव गांधी किसान न्याय योजना- 6800 करोड़ रुपए, फसल बीमा योजना- 575 करोड़ रुपए
- एकीकृत बागवानी योजना- 205 रुपए, चिराग योजना-200 करोड़ रुपए
- गोधन न्याय योजना- 175 करोड़ रुपए, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना 187 करोड़ रुपए
- गन्ना उत्पादक किसानों को बोनस 60 करोड़ रुपए,सेंटर ऑफ एक्सीलेंस 1.51 करोड़ रुपए
लोक निर्माण विभाग के लिए 7 हजार 652 करोड़ रुपए
- छत्तीसगढ़ सड़क विकास परियोजना- 837 करोड़ रुपए, नवीन सड़क एवं पुलों का विकास- 770 करोड़ रुपए
- सतह मजबूतीकरण- 415 करोड़ रुपये, केंद्रीय सड़क निधि- 301 करोड़ रुपए
- जिला सड़कों का निर्माण- 290 करोड़ रुपए, राज्य मार्ग निर्माण- 90 करोड़ रुपए
- अनुसूचित जाति क्षेत्र में सड़कों का निर्माण- 150 करोड़ रुपए, लोक निर्माण भवन- 200 करोड़ रुपए
- जवाहर सेतु योजना- 198 करोड़ रुपए, खारुन रिवर फ्रंट- 10 करोड़ रुपए, रेलवे ओवर- अंडर ब्रिज- 50 करोड़ रुपए
उर्जा विभाग के लिए 6 हजार 665 करोड़ रुपए
- बिजली वितरण कंपनियों के लिए 508 करोड़ रुपए, सौर सुजला योजना के लिए 600 करोड़
- पांच एचपी कृषि पंप के लिए 2900 करोड़ रुपए, घरेलू बिजली बिल में 1050 करोड़
गृह विभाग के लिए 6 हजार 520 करोड़ रुपए
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति के लिए 6 हजार 464 करोड़ रुपए लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण 5 हजार 497 करोड़ रुपए नगरीय प्रशासन विभाग के लिए 5 हजार 361 करोड़ रुपए जल संसाधन विभाग के लिए 3 हजार 607 करोड़ रुपए
कृषि एवं किसान कल्याण
• मुख्यमंत्री ने बजट में कहा कि हमने “धान का कटोरा के रूप में प्रसिद्ध छत्तीसगढ़ राज्य को हमने “धन का कटोरा होने का गौरव दिलाया है। खरीफ 2017 में 12 लाख किसानों से उपार्जित 57 लाख मीट्रिक टन धान की तुलना में खरीफ 2022 में 23 लाख 42 हजार किसानों से 107 लाख मीट्रिक टन धान उपार्जित किया गया है। इस प्रकार विगत 04 वर्षों के दौरान धान विक्रय करने वाले किसानों की संख्या में 11 लाख 42 हजार की वृद्धि एवं उपार्जित धान की मात्रा में 50 लाख मीट्रिक टन की वृद्धि दर्ज की गयी है।
• खरीफ 2022 के लिए राजीव गांधी किसान न्याय योजना अंतर्गत 26 लाख 41 हजार किसानों द्वारा 34 लाख 06 हजार हेक्टेयर से अधिक रकबे का पंजीयन कराया गया है। इन किसानों को आदान सहायता राशि वितरण हेतु वर्ष 2023-24 के बजट में 06 हजार 800 करोड़ की राशि का प्रावधान है।
• गन्ना उत्पादक किसानों को भी प्रति वर्ष प्रोत्साहन राशि का भुगतान किया जा रहा है। इसके लिए 60 करोड़ का प्रावधान है।
• नवा रायपुर, अटल नगर में 60 करोड़ की लागत से कृषि एवं किसान कल्याण भवन के निर्माण हेतु प्रावधान है।
• किसानों को गुणवत्तायुक्त रासायनिक एवं जैविक खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए राजनांदगांव एवं रायगढ़ जिले में नवीन उर्वरक गुण नियंत्रण प्रयोगशाला की स्थापना की जायेगी। रायपुर स्थित प्रयोगशाला के लिए अतिरिक्त सेटअप सृजन करने का प्रावधान है।
• रासायनिक एवं जैविक कीटनाशकों के गुणवत्ता परीक्षण हेतु रायपुर में नवीन प्रयोगशाला की स्थापना का प्रावधान है। इन सभी प्रयोगशालाओं को एन.ए. बी.एल. से सम्बद्धता दिलाने हेतु पृथक से बजट भी रखा गया है।
• उद्यानिकी से संबंधित आधुनिक तकनीकों के प्रदर्शन हेतु नवा रायपुर, अटल नगर में सेंटर ऑफ एक्सीलेन्स की स्थापना की जायेगी। इसके लिए नवीन मद में 02 करोड़ 51 लाख का प्रावधान है।
• विकासखंड मुख्यालय गंडई में कृषकों को उद्यानिकी फसलों की गुणवत्तापूर्ण पौध रोपण उपलब्ध कराने हेतु हाईटेक नर्सरी एवं छुईखदान में पान अनुसंधान केन्द्र की स्थापना एवं भवन निर्माण हेतु नवीन मद में 02 करोड़ 50 लाख का प्रावधान है।
• राजपुर विकासखंड धमधा में शासकीय बीज प्रगुणन प्रक्षेत्र की स्थापना हेतु नवीन मद में 01 करोड़ 57 लाख का प्रावधान है।
•सीड लॉ एन्फोर्समेन्ट के लिए रायपुर में नवीन प्रयोगशाला की स्थापना की जायेगी।
•05 नये जिलों में उप संचालक, कृषि कार्यालय की स्थापना तथा दंतेवाड़ा, नारायणपुर, सुकमा, दुर्ग एवं मुंगेली में अनुविभागीय अधिकारी, कृषि कार्यालय की स्थापना की जायेगी।