बैंड बाजा और धमाल पर अब भी कोरोना का ग्रहण, दो वक्त की रोटी के लिए मोहताज, प्रशासन से लगाई गुहार

Chhattisgarh Crimes

रायपुर। कडाउन के बाद अ‍नलाक में कई तरह के उद्योगों और व्यापार को छूट दी गई है। शहर में निर्धारित समय के लिए बाजार भी खोले दिए गए है। लेकिन प्रशासन ने अब भी कई व्यवसाय को खोलने की अनुमति नहीं दी है। वहीं, बैंडबाजा और धमाल पार्टी के संगठनों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर व्यवसाय संचालन की अनुमति मांगी है।

बैंडबाजा और धमाल का व्यवसाय पिछले आठ माह से बंद है। ऐसे में दो वक्त की रोटी के लिए मोहताज हो गए हैं। मंगलवार को रायपुर धुमाल जन कल्याण संघ के पदाधिकारी कलेक्टर को ज्ञापन सौंपने पहुंचे। धमाल पार्टी यूनियन के लोग सभी प्रकार के शुभ कार्य में धमाल बजाते हैं, जिससे उनका परिवार चलता है। प्रदेश में लाकडाउन होने से बहुत से व्यवसाय पर रोक है। जिससे लोगों का रोजगार छीन गया है। छत्तीसगढ़ में भी लाकडाउन खुलने के बाद लोगों के रोजगार से जुड़ी हुई समस्याएं सामने आने लगी है।

रायपुर जन कल्याण संघ के अध्यक्ष गौतम महानंद ने बताया कि पिछले एक साल से हमारा काम ठप है। पिछले लाकडाउन में हमे कुछ छूट मिली थी। जिससे गाड़ी वापस पटरी पर लौटने की स्थिति में थी। दोबारा कोरोना संक्रमण के चलते लाकडाउन से हमारा व्यवसाय थम गया है।

मंगल कार्य के दौरान रायपुर में धमाल पार्टी बजाने कि अनुमति रायपुर के कलेक्टर से मांगी जा रही है। आर्थिक संकट से परिवार जूझ रहा है। कइयों को अपना व्‍यवसाय बदलना पड़ा है। मजदूरी तक करनी पड़ी। परिवार का खर्च चलाने के लिए कर्ज तक लेने पड़े।