सूअरमालगढ़ के प्राचीन एवं ऐतिहासिक राधाकृष्ण मंदिर तथा राजपरिवार के सम्मान में 5 सूत्रीय मांगों को लेकर 24 जून को कोमाखान में धरना प्रदर्शन रैली

Chhattisgarh Crimes

बागबाहरा। 250 वर्षों से भी अधिक प्राचीन एवं ऐतिहासिक सूअरमाल गढ़ के धर्म एवं संस्कृति के प्रतीक राधाकृष्ण जगन्नाथ हनुमान मंदिर पर वहां के तथाकथित महंत पुजारी दीपकदास परिवार द्वारा लगातार मंदिर संपति के साथ किये जा रहे भ्रष्टाचार,गबन एवं घोर लापरवाही की शिकायत को लेकर एवं तथाकथित महंत दीपकदास एवं परिवार द्वारा कोमाखान राज परिवार के प्रमुख राजा थियेन्द्रप्रताप पर किए गए दुर्व्यवहार,जान से मारने की धमकी,गाली-गलौज एवं जातिसूचक अमर्यादित टिप्पणी को लेकर तथाकथित महंत को गिरफ्तार एवं त्वरित कार्रवाई करने हेतु अमात्य गोंड समाज 18 गढ़ सुअरमाल राज,राधाकृष्ण मंदिर ट्रस्ट तथा कोमाखान क्षेत्र के विभिन्न सामाजिक संगठनों के नेतृत्व में 24 जून विरांगना रानी दुर्गावती बलिदान दिवस को पांच सूत्रीय मांग जिसमें एसटी एससी एक्ट के तहत महंत पर कार्यवाही, महंत परिवार द्वारा गबन किए गए मुकुट को वापस लाने एवं मामले की उचित जांच, महंत परिवार को मंदिर परिसर से बाहर करने, ट्रस्ट की जमीन से आरोपी महंत के सर्वराकार शब्द को हटाने एवं विगत 20 वर्षों से महंत परिवार द्वारा किए गए भ्रष्टाचार गबन की जांच को लेकर धरना प्रदर्शन एवं रैली का आयोजन किया जा रहा है।

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पुलिस प्रशासन के द्वारा लगातार कार्यवाही में किए जा रहे लापरवाही के कारण पूरे क्षेत्र में हजारों श्रद्धालुओं भक्तों एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों में आक्रोश व्याप्त है। सर्व आदिवासी समाज के ज़िला अध्यक्ष मनोहर ठाकुर ने बताया कि तथाकथित महंत परिवार द्वारा लगातार 20 वर्षों से मंदिर की कृषि भूमि से प्राप्त होने वाली आय का दुरुपयोग किया गया,मंदिर एवं परिसर पर तानिकमात्र भी ध्यान ना देकर उसे खंडहर में तब्दील होने के लिए छोड़ दिया गया।

उस परिवार के द्वारा मंदिर की संपत्तियों एवं कीमती आभूषणों को अपने निजी स्वार्थ एवं ऐशोआराम के लिए इनके द्वारा बेचने का कार्य निरंतर जारी रहा,एक वर्ष पूर्व इस परिवार के द्वारा भगवान के चांदी के बहुमूल्य 5 नग कीमती मुकुटों का गबन कर दिया गया है पुलिस पूछताछ में मुकुट इस तथाकथित महंत परिवार के पास ही होने की बात सामने आयी पर पुलिस प्रशासन के सुस्त जांच के कारण यह विषय रहस्य बन कर रह गया,अगर समय में क्षेत्र के श्रद्धालु एवं भक्तों के द्वारा समिति बनाकर मंदिर एवं परिसर के जीर्णोद्धार एवं सरंक्षण का कार्य नहीं किया जाता तो आज सुअरमालगढ़ की यह ऐतेहासिक धरोहर केवल स्मृतिमात्र में शेष रह जाता। श्रीं ठाकुर ने बताया कि राजपरिवार के द्वारा धर्म एवं संस्कृति के सम्मान में यह मंदिर क्षेत्रवासियों के लिए समर्पित की गई थी, पूर्व के महंतों के सेवाभाव एवं समर्पण के कारण जिस मंदिर की ख्याति संपूर्ण भारत वर्ष में हुआ करती थी आज उस ऐतिहासिक मंदिर को वर्तमान के भ्रष्टाचारी तथाकथित महंत परिवार ने अपने स्वार्थपूर्ति का माध्यम बना दिया है। रथयात्रा के समीप होने के कारण हजारों लाखों श्रद्धालु एवं भक्त अपने जगन्नाथ भगवान के उन प्राचीन कीमती मुकुट के वापसी की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

धरना प्रदर्शन एवं रैली के माध्यम से अपनी आवाज को न्याय के मंदिर तक पहुंचाने के लिए अमात्य गोंड समाज 18 गढ़ राज सुअरमाल,राधाकृष्ण मंदिर ट्रस्ट एवं कोमाखान क्षेत्र के विभिन्न धर्म एवं समुदाय के पदाधिकारी और सदस्य अपनी तैयारी में लगे हुए हैं। शासन के निर्देशों का पालन करते हुए धरना प्रदर्शन एवं रैली की तैयारी हेतु आयोजित बैठक में अमात्य गोंड समाज के राष्ट्रीय एवं प्रदेश,क्षेत्रीय पदाधिकारी मनोहर ठाकुर,कोमल सोम,रैनसिंग ठाकुर,सुरेंद्र सिंह मांझी,रूपसिंह ठाकुर,रूपेश्वर ठाकुर,तूफान दीवान,युधिष्ठिर ठाकुर, कुर्मी समाज की राष्ट्रीय महिला अध्यक्ष लता ऋषि चन्द्राकर,मंदिर ट्रस्ट के विभिन्न पदाधिकारी अध्यक्ष राजा थियेन्द्र प्रताप,सचिव राहुल श्रीवास, आशीष वाकडे,प्रदीप यादव,गोलू जैन,नितिन जैन,शशांक श्रीवास,प्रमोद चंद्राकर,देवज्ञ चंद्राकर,समीर खान,खेमदास मानिकपुरी,ओम यादव ग्राम पंचायत कोमाखान के उपसरपंच शशिकला मानिकपुरी एवं अन्य सदस्य उपस्थित थे।