विकसित भारत योजना और पीएम जनमन योजना का गंभीरता पूर्वक करे क्रियान्वयन : कलेक्टर श्री अग्रवाल

  • समय सीमा के लंबित प्रकरणों का तेजी से करे निराकरण
  • 26 जनवरी की आवश्यक तैयारियां समय बद्ध तरीके से करे पूर्ण
  • कलेक्टर दीपक अग्रवाल ने समय सीमा की समीक्षा बैठक में दिए निर्देश

Chhattisgarh Crimes

गरियाबंद। कलेक्टर दीपक अग्रवाल ने जिले में पदभार ग्रहण करने पश्चात आज समय सीमा की पहली समीक्षा बैठक ली। उन्होंने सभी जिला अधिकारियों से विभागीय कार्यों की जानकारी ली। साथ ही शासन द्वारा संचालित योजनाओं के प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि वर्तमान में केंद्र सरकार द्वारा संचालित विकसित भारत संकल्प यात्रा और पीएम जनमन योजना सर्वोच्च प्राथमिकता में है। इन योजनाओं का जिले में गंभीरता पूर्वक क्रियान्वयन किया जाए। सभी अधिकारी कर्मचारी योजनाओं पर ध्यान केंद्रित कर अधिक से अधिक पात्र लोगों को योजनाओं से लाभान्वित करे। उन्होंने इन योजनाओं में सभी विभागों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर श्री अग्रवाल ने विभिन्न विभागों में समय सीमा के लंबित प्रकरणों की भी जानकारी ली। उन्होंने लंबित प्रकरणों को तेजी से निराकरण करने के निर्देश दिए। इस दौरान डीएफओ श्री मणिवासगन एस, जिला पंचायत सीईओ श्रीमती रीता यादव, एडीएम अविनाश भोई सहित एसडीएम और विभागों के जिला अधिकारीगण मौजूद रहे।

समय सीमा की समीक्षा बैठक में कलेक्टर श्री अग्रवाल ने जिले में चल रहे विकसित भारत संकल्प यात्रा अभियान के तहत अब तक आयोजित किए जा चुके शिविर के बारे में जानकारी ली। उन्होंने सभी शिविरों में अधिक से अधिक ग्रामीणों की उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा उन्हें शासकीय योजनाओं से लाभान्वित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने संकल्प यात्रा शिविर में शामिल होने आए लोगों का निशुल्क स्वास्थ्य जांच, दवाई वितरण, टीबी एवं सिकल सेल जांच भी करने के निर्देश दिए। जिससे अधिक से अधिक लोग शिविर से लाभान्वित होंगे। उन्होंने शिविर में उज्जवला योजना पंजीयन, केसीसी कार्ड, आयुष्मान कार्ड भी हितग्राहियों का सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही मेरी कहानी मेरी जुबानी, धरती कहे पुकार के एवं क्विज प्रतियोगिता भी सुचारू रूप से संचालित करने के लिए निर्देशित किया।

इसी प्रकार जिले के विशेष पिछड़ी जनजाति परिवार के सदस्यों तक मूलभूत सुविधाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए पीएम जनमन योजना संचालित की जा रही है। कलेक्टर ने इसके तहत जिले के चिन्हांकित 199 बसाहटों में निवासरत पीवीटीजी कमार सदस्यों को शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, सड़क, संचार, बिजली, पेयजल एवं आवास आदि की सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही सभी पात्र लोगों का नाम सर्वे सूची में ना छूटे यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर श्री अग्रवाल ने समय सीमा की समीक्षा बैठक में आगामी 26 जनवरी गणतंत्र दिवस की आवश्यक तैयारियों के संबंध में भी जानकारी ली। उन्होंने 26 जनवरी की सभी जरूरी तैयारियां समय बद्ध तरीके से पूर्ण करने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिए। उन्होंने विभागों को दिए गए दायित्वों का गंभीरता पूर्वक निर्वहन करने के निर्देश दिए। साथ ही समारोह स्थल की अच्छे से तैयारी साफ सफाई, साज सज्जा, परेड, स्कूली बच्चों का सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं विभागों द्वारा योजनाओं से संबंधित झांकियों की प्रस्तुति की भी तैयारी अच्छे से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने परेड में शामिल होने वाले पुलिस विभाग के जवान, एनसीसी, एनएसएस एवं स्काउट गाइड के सदस्यों के साथ कोटवार एवं वन विभाग के अमलो को भी शामिल करने के निर्देश दिए।

अवैध धान परिवहन व भंडारण पर जिला प्रशासन सख्त, देवभोग अनुभाग में अब तक 15 वाहन एवं 3800 पैकेट धान जप्त

राज्य सरकार द्वारा खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी 1 नवंबर 2023 से लगातार की जा रही है। कलेक्टर श्री दीपक अग्रवाल ने गत दिवस अधिकारियों की बैठक लेकर धान उपार्जन अवधि के दौरान ओड़िशा प्रांत से जिले के धान उपार्जन केन्द्रों में विक्रय के लिए आने वाले धान की रोकथाम एवं कार्यवाही करने के सख्त निर्देश दिये गये हैं। एसडीएम देवभोग सुश्री अर्पिता पाठक ने बताया कि विगत 3 दिनों में तीन गाड़ियां सहित लगभग 200 पैकेट धान जप्त किया गया है। इनमें दो पिकअप एवं एक ट्रैक्टर शामिल है।

उन्होंने बताया कि देवभोग अनुभाग में धान के अवैध परिवहन एवं भण्डारण करने पर अब तक लगभग 3800 पैकेट धान एवं 15 वाहन जप्त कर कार्यवाही की गई है। साथ ही चेकपोस्ट पर चौबीस घंटे ड्यूटी पर लगे अधिकारी-कर्मचारियों की टीम द्वारा वाहनों की सतत् जांच की जा रही है। जिसके मद्देनजर अवैध धान के परिवहन एवं भण्डारण में कमी आई है। उन्होंने बताया कि देवभोग अनुभाग में ओडिशा सीमा पर 15 चेकपोस्ट बनाया गया है। इनमें कैटपदर, धूपकोट, नागलदेही,खुटगांव, सागौनभाड़ी, खोकसरा, झिरीपानी, केन्दुबन, कोदोभांठा, उसरीपानी, बरही, अमाड़ मगररोड़ा, पोटापारा एवं ठीरलीगुड़ा शामिल है। जिला प्रशासन द्वारा अन्य प्रांत से आने वाले अवैध धान परिवहन एवं भंडारण पर लगातार कार्रवाई की जा रही है।