
डॉ. चेलानी व डॉ. प्रसाद तीन माह यानी 26 जून तक प्रैक्टिस नहीं कर सकेंगे। काउंसिल के अधिकारियों के अनुसार चूंकि यह पत्र 27 मार्च को डिस्पैच हुआ है इसलिए कार्रवाई इसी दिन से लागू होगी। आयुष अस्पताल अशोकारत्न के डायरेक्टर डॉ. चेलानी पर गालीगलौज करने का आरोप एक अन्य गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. सुषमा वर्मा ने लगाया था। यह मामला मेडिकल काउंसिल के एथिक्स कमेटी के पास गया था। दोनों पक्षों के बयानों के बाद डॉ. चेलानी पर आरोप सिद्ध हुआ।
एक पर गाली गलौज तो दूसरे पर इलाज में लापरवाही का आरोप
पिछले साल 22 मार्च को डॉ. चेलानी का पंजीयन एक माह के लिए सस्पेंड करने की अनुशंसा की गई थी, लेकिन इस पर निर्णय बाकी था। दरअसल तत्कालीन हैल्थ डायरेक्टर, जो कि छग मेडिकल काउंसिल के चेयरमेन भी होते हैं, बैठक ही नहीं लेते थे। इस कारण मामला सालभर से ज्यादा समय से पेंडिंग था। नए हैल्थ डायरेक्टर व कमिश्नर डॉ. प्रियंका शुक्ला ने बैठक में कई एजेंडों को शामिल किया। अब हर तीसरे माह काउंसिल की बैठक रखने का निर्णय लिया गया है।