दिल्ली की सड़कों पर 22 दिन से डटे किसान, आज आ सकता है बड़ा फैसला

Chhattisgarh Crimes

नई दिल्ली। केंद्र के कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के आंदोलन को तीन हफ्ते से ज्यादा हो गए. किसानों के प्रदर्शन का आज 22वां दिन है. मसला अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है. दिल्ली की सड़कों पर किसान लगातार जमे हुए हैं. उन्हें सड़कों हटाने की मांग पर आज सुप्रीम कोर्ट अपना फैसला सुनाएगा.

कोर्ट में सुनवाई सुबह 12 बजे होगी. बुधवार को हुई सुनवाई में कोर्ट ने कहा था कि वह कोई भी आदेश देने से पहले आंदोलनकारी संगठनों को भी सुनेगा. इस मामले में कोर्ट ने 8 संगठनों को पार्टी बनाया है.

इनमें भारतीय किसान यूनियन (टिकैत), बीकेयू सिधुपुर, बीकेयू राजेवाल, जम्हूरी किसान सभा, बीकेयू दकौंडा, बीकेयू दोआबा, कुल हिंद किसान फेडरेशन है. कोर्ट ने विवाद के लिए एक कमेटी बनाने की भी बात कही है. इस कमेटी में आंदोलनकारी संगठनों के साथ, सरकार और देश के बाकी किसान संगठनों के लोग भी होंगे.

आपको बता दें कि कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली बॉर्डर पर हो रहे किसानों के आंदोलन को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई है. कानून के छात्र ऋषभ शर्मा ने ये याचिका दी थी.इस याचिका में दिल्ली बॉर्डर से किसानों को हटाने की मांग है. साथ ही कहा गया है कि लोगों के इकट्ठा होने से कोरोना के संक्रमण का खतरा बढ़ेगा.

याचिका में आगे कहा गया कि लोगों को हटाना आवश्यक है, क्योंकि इससे सड़कें ब्लॉक हो रही हैं व इमरजेंसी और मेडिकल सर्विस भी बाधित हो रही है. प्रदर्शनकारियों को सरकार द्वारा तय स्थान पर स्थानांतरित किया जाना चाहिए. प्रदर्शन के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का पालन और मास्क का इस्तेमाल किया जाना चाहिए.