
वर्तमान में 8 किलोमीटर सीसी सड़क समेत 12 किलोमीटर सड़क का निर्माण पूरा हो चुका है। 10 किलोमीटर पर बीटी कार्य पूरा कर लिया गया है, जिस पर डामर डालना शेष है। शेष हिस्से में काम चल रहा था, लेकिन उदंती सीता नदी टाइगर रिजर्व ने एनओसी का हवाला देकर मार्च 2025 को काम बंद करा दिया।
टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक वरुण जैन के अनुसार, निर्माण क्षेत्र का 17 हेक्टेयर रकबा रिजर्व फॉरेस्ट के बफर जोन में आता है। इसके लिए वाइल्डलाइफ और फॉरेस्ट एनओसी लेना अनिवार्य है।
पिछले विवादों के कारण 2011 में भी रुका था काम
इस सड़क का काम 2008 में मंजूर हुआ था, लेकिन 2011 में इस क्षेत्र में नक्सली हमले में एडिशनल एसपी राजेश पवार समेत 10 पुलिस जवानों की हत्या के बाद काम पहली बार रुका था। उस समय प्रोजेक्ट की लागत 10 करोड़ रुपए थी। 2022 में काम को फिर से शुरू करने की पहल हुई। रिवाइज एस्टीमेट में लागत बढ़कर 23.34 करोड़ रुपए हो गई।
विभाग ने कार्य को पांच भागों में बांटकर दो साल में 23 बार टेंडर निकाला। 24वें प्रयास में 2023 में कार्य के लिए अनुबंध हो सका। 2012 में यह क्षेत्र टाइगर रिजर्व घोषित हो चुका था, लेकिन पीएमजीएसवाय विभाग ने इस तथ्य की अनदेखी की। अब एनओसी के लिए 10 करोड़ रुपए का अतिरिक्त खर्च आएगा।
वन एनओसी पर लगेगा भारी खर्च
वन विभाग की क्लियरेंस प्रक्रिया के तहत निर्माण क्षेत्र के दुगुने क्षेत्र में पौधा लगाने का नियम है। कुल 44 बिंदुओं पर मंजूरी लेनी होगी, जिनमें से तीन वन और वन्यजीव विभाग से संबंधित है। प्रति हेक्टेयर लगभग 60 लाख रुपए खर्च होने का अनुमान है, यानी कुल 10 करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च आएगा। यह रकम सड़क निर्माण के बजट में शामिल नहीं है, इसलिए इसे भी शासन स्तर पर मंजूरी दिलाना बड़ी चुनौती होगी।
एनओसी मिलने के बाद तेजी से होगा काम
कार्यपालन अभियंता अभिषेक पाटकर ने बताया कि वन विभाग की रोक हटाने के लिए टीम पूरी मेहनत कर रही है। आवश्यक 44 बिंदुओं में से ज्यादातर की औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं और अगले तीन माह में सारी प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। एनओसी मिलने के बाद काम तेजी से शुरू हो जाएगा।
जिला पंचायत सदस्य संजय नेताम ने कहा, अधूरी सड़क के कारण बारिश में आवाजाही पूरी तरह बंद हो जाएगी। प्रशासन को चाहिए कि वे आवश्यक सभी सुविधाएं पहले से सुनिश्चित करें और निर्माण में लगी रोक हटाने के लिए आगे आएं। यदि समस्याएं बढ़ीं तो वे सड़क के निर्माण के लिए संघर्ष करने में पीछे नहीं हटेंगे।