मोरेटोरियम अवधि में ब्याज पर ब्याज सरकार भरेगी

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नई दिल्ली। केंद्रीय कैबिनेट ने लोन मोरेटोरियम की अवधि में ब्याज पर ब्याज के भुगतान वाली स्कीम को मंजूरी दे दी है। इस स्कीम का आम आदमी तक लाभ पहुंचाने के लिए वित्त मंत्रालय ने गाइडलाइंस जारी कर दी हैं। इसके तहत चक्रवृद्धि ब्याज और साधारण ब्याज के अंतर का भुगतान केंद्र सरकार करेगी। वित्त मंत्रालय की गाइडलाइंस में कई बातें साफ हो गई हैं।

कॉरपोरेट सेक्टर को नहीं मिलेगा लाभ

जिन लोगों ने 1 मार्च से 31 अगस्त 2020 के दौरान लोन मोरेटोरियम का लाभ लिया है। उनको इस अवधि की ब्याज पर ब्याज का भुगतान नहीं करना होगा। 29 फरवरी 2020 तक जिन पर 2 करोड़ रुपए या इससे कम का लोन बकाया था, उन्हें इस स्कीम का लाभ मिलेगा। यदि किसी इंडिविजुअल पर दो करोड़ से ज्यादा का लोन है तो उनको इसका लाभ नहीं मिलेगा। जिन लोगों ने मोरेटोरियम नहीं लिया है, उनको भी इस योजना का लाभ मिलेगा। ऐसे लोगों को कैसे लाभ मिलेगा? यह सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ही पता चल सकेगा। ब्याज पर ब्याज के भुगतान का बोझ केंद्र सरकार उठाएगी। इससे सरकार पर करीब 6500 करोड़ रुपए का बोझ पड़ेगा। कॉरपोरेट सेक्टर को इसका लाभ नहीं मिलेगा। ब्याज पर ब्याज के भुगतान वाली स्कीम का लाभ केवल इंडिविजुअल और एमएसएमई लोन को मिलेगा।

इन्हें मिलेगा फायदा

  • एमएसएमई लोन
  • एजुकेशन लोन
  • हाउसिंग लोन
  • कंज्यूमर ड्यूरेबल लोन
  • क्रेडिट कार्ड ड्यू
  • आटो लोन
  • प्रोफेशनल्स का पर्सनल लोन
  • कंजप्शन लोन

2 नवंबर को सुनवाई

चक्रवृद्धि ब्याज और साधारण ब्याज के अंतर का जो बोझ उपभोक्ता पर पड़ेगा, बैंक वह राशि उपभोक्ता के खाते में जमा करेंगे। ब्याज के अंतर को उपभोक्ता के खाते में जमा करने के बाद बैंक इस राशि के लिए केंद्र सरकार के पास दावा करेंगे। इस मामले में अब 2 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। इसी दिन इस स्कीम के लागू होने को लेकर अंतिम फैसला होगा।