हर घर नल योजना : केंद्र से पिछले साल मिले 445 करोड़ रुपए खर्च नहीं कर पाया था छत्तीसगढ़, इस बार 1909 करोड़ फिर मंजूर

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रायपुर। केंद्र सरकार का महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन छत्तीसगढ़ में पिछड़ता दिख रहा है। मिशन के तहत संचालित हर घर नल योजना के लिए केंद्र सरकार ने पिछले साल 445 करोड़ 52 लाख रुपए दिए थे। सरकार उसे पूरा खर्च भी नहीं कर पाई। अब 2021-22 के लिए योजना में 1909 करोड़ का आवंटन मिला है। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने इस संबंध में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को पत्र भी लिखा है।

अधिकारियों ने बताया, जल जीवन मिशन के तहत पिछले वर्ष छत्तीसगढ़ को केन्द्रीय अनुदान के रूप में 445 करोड़ 52 लाख रुपए आवंटित किए गए थे। कार्यान्वयन की धीमी रफ्तार के कारण राज्य केवल 334 करोड़14 लाख रुपए ही खर्च कर पाया। शेष बचे 111 करोड़ 48 लाख रुपए सरेंडर करने पड़े। बताया जा रहा है, सरेंडर की गई राशि और राज्यांश आदि को जोड़कर जल जीवन मिशन से जुड़े कार्यों के लिए छत्तीसगढ़ के पास 4 हजार 268 करोड़ रुपए उपलब्ध हैं। केंद्र सरकार ने मौजूदा वित्त वर्ष के लिए 453 करोड़ 71 लाख रुपए की पहली किस्त जारी भी कर दिया है। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि ग्रामीण घरों में नल जल कनेक्शन देने के काम में तेजी लाया जाए। इस दिशा में हर गांव में काम शुरू करा दिया जाए ताकि 2023 तक प्रदेश के हर घर में जल पहुंच जाए।

अभी यह है नल जल की स्थिति

छत्तीसगढ़ के 19 हजार 684 गांवों में रह रहे कुल 45 लाख 48 हजार परिवारों में से केवल 5 लाख 69 हजार तक नल से जल आपूर्ति हो पा रही है। यह कुल परिवारों का केवल 12.51% है। राज्य को हर घर जल बनने के लिए अभी शेष 39 लाख 78 हजार ग्रामीण घरों में नल जल कनेक्शन पहुंचाना बाकी है। 5 हजार 530 गांवों में नल जल कनेक्शन देने के लिए तो अब तक जल आपूर्ति संबंधी कार्य भी शुरू नहीं हुए हैं।

2023-24 तक सभी को पानी का लक्ष्य

अधिकारियों ने बताया, हर घर जल बनने के लिए छत्तीसगढ़ ने 2021-22 के दौरान 22 लाख 14 हजार घरों में नल जल कनेक्शन देने की योजना बनाई है। 2022-23 में 11 लाख 37 हजार घरों तक नल पहुंचाना है। वहीं 2023-24 में शेष बचे 6 लाख 29 हजार घरों तक नल कनेक्शन से पीने का पानी पहुंचाया जाएगा।