नक्सली सहयोगी ग्रामीण के गिरफ्तारी पर भड़के सैकड़ों ग्रामीण

नारेबाजी करते हुए रैली निकाल मैनपुर थाना का किया घेराव और नेशनल हाईवे पर 4 घंटे किया चक्काजाम

Chhattisgarh Crimes
मैनपुर।मैनपुर विकासखण्ड क्षेत्र के ग्राम पंचायत गोबरा के निवासी राकेश कश्यप को धमतरी जिला के नगरी पुलिस के द्वारा नक्सलियों को मदद करने और सहयोग पहुंचाने के नाम पर गिरफ्तार कर जेल भेजे जाने की जानकारी लगने पर ग्राम गोबरा के सैकडो़ ग्रामीणो ने जमकर नराजगी जताते हुए आज बुधवार को सुबह 11 बजे के आसपास जनपद पंचायत के सामने से विशाल रैली निकाल नारेबाजी करते हुए मैनपुर थाना पहुँचकर घेराव कर दिया और नक्सली सहयोगी के नाम पर गिरफ्तार किये गये ग्राम पंचायत गोबरा के काँटीपारा निवासी राकेश कश्यप को निर्दोष बताते हुए तत्काल छोडने की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी करने लगे इस दौरान गरियाबंद के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक चंद्रेश ठाकुर , मैनपुर एसडीओपी पुलिस अनुज कुमार गुप्ता, थाना प्रभारी सचिन गुमास्ता ने ग्रामीणों को बहुत समझाया कि यह गिरफ्तारी मैनपुर पुलिस द्वारा नही किया गया है बल्कि नगरी पुलिस द्वारा किया गया है, लेकिन आक्रोशित ग्रामीणों ने पुलिस अफसरो की एक बात भी नही सुने और जमकर नारेबाजी करते हुए नेशनल हाईवे 130 सी मैनपुर गरियाबंद मुख्य मार्ग में थाना के सामने ही सड़क पर बैठकर चक्काजाम प्रारंभ कर दिया।

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दोपहर 01 बजे से मैनपुर थाना के सामने सैकडो ग्रामीणो ने चक्काजाम शुरू कर दिया इस दौरान कोई भी वाहन को नेशनल हाईवे से नही गुजरने दिया गया और जमकर नारेबाजी करते रहे इस दौरान चक्काजाम को संबोधित करते हुए जिला पंचायत गरियाबंद के सभापति श्रीमती लोकेश्वरी नेताम ने पुलिस प्रशासन द्वारा निर्दोष ग्रामीण राकेश कश्यप को नक्सली सहयोगी बताकर गिरफ्तार किया गया है जो पुरी तरह गलत है, ग्रामीण राकेश कश्यप ग्राम पंचायत में अपने काम के सिलसिले से आया था लेकिन पुलिस सर्चिंग पार्टी ने उसे गिरफ्तार कर ले गया और इसकी जानकारी किसी को देना भी मुनासिब नही समझा जो गलत है, यदि ग्रामीण नक्सली सहयोगी है तो उनके पास से क्या सामग्री बरामद किया गया है पुलिस को बताना चाहिए श्रीमती लोकेश्वरी नेताम ने कहा कि नक्सली सहयोगियों के नाम पर लगातार आदिवासियो पर अत्याचार किया जा रहा है जो गलत है और इसके खिलाफ उनका आंदोलन जारी रहेगा। ग्राम पंचायत गोबरा के सरपंच रामस्वरूप मरकाम ने कहा कि ग्रामीण राकेश कश्यप निर्दोष है मेरे पंचायत क्षेत्र के ग्रामीण है और ग्राम पंचायत में आधार लिंक से पैसा निकालने आया था जिसे ज़बरदस्ती ले जाया गया और नक्सली सहयोगी बताकर कार्यवाही किया गया है, श्री मरकाम ने कहा कि इस मामले को लेकर पिछले तीन दिनों से मैनपुर थाना पहुच रहे है लेकिन ग्रामीणों को सही जवाब नही दिया गया हमें धोखा में रखकर सीधे साधे ग्रामीण पर कार्यवाही कर दिये।

उदंती सीतानदी किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष अर्जुन नायक ने आरोप लगाया कि मैनपुर आदिवासी क्षेत्र के लोगो को नक्सलियों को भोजन पानी दिया जाता है करके पिछले 2007 से प्रताडित़ किया जा रहा है जिसके कारण ग्रामीण क्षेत्र में निवास करने वाले आदिवासी बेहद परेशान है।

एसडीएम मैनपुर को ग्रामीणों ने ज्ञापन सौपकर 4 घंटे बाद चक्काजाम समाप्त किये

मैनपुर एसडीएम हितेश पिस्दा को चक्काजाम कर रहे ग्रामीणो ने एक ज्ञापन सौपा है जिसमें नक्सली सहयोगी के नाम से फर्जी तरीके से आदिवासियों को फसाने का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों को परेशान करने का आरोप लगाया गया है साथ ही नक्सली सहयोगी के नाम पर गिरफ्तार किये गये राकेश कश्यप को रिहा करने की मांग करते हुए ज्ञापन सौपा गया और चक्काजाम को समाप्त किया गया है।

इस मौके पर प्रमुख रूप से जिला पंचायत सभापति लोकेश्वरी नेताम, भुंजिया अभिकरण के सदस्य टीकम नागवंशी, गोबरा के सरपंच रामस्वरूप मरकाम, किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष अर्जुन सिंह नायक, जनपद सदस्य दीपक मंडावी, आम आदमी पार्टी के गरियाबंद जिलाध्यक्ष सियाराम ठाकुर, सरपंच ठेनही श्री धनसोम, पीडित के पत्नी सावित्री बाई कश्यप, पीडित के पुत्र हिमांशु, पुत्री साक्षी, वरिष्ठ ग्रामीण जयलाल ओंटी, रामलाल सोरी, अंकालुराम यादव, जोगेश कुमार, सुरेश रामदास, बसंत, बीरबल, बिरेन्द्र, बुधलाल , संजय, कुलेश्वर, अमित मरकाम, लता बाई, गिरजाबाई, असबती, आमीना बाई, मोतीराम मरकाम, रामनाथ मरकाम, रोम सोरी, रायसिंह, निर्मल, तरूण मरकाम, महेन्द्र मरकाम, सोबुराम, भानबाई सोरी, राजेश नागेश, रवि मरकाम, सुकारो बाई, गिरजाबाई, देवचरण, रतन भंडारी, दिनेश मरकाम, शंकरलाल मरकाम, रूपसिंह मरकाम, संतलाल, सोहन, गोकुल, भुपेन्द्र ध्रुव, शालिकराम, सोहन यादव, विजय लखन लाल, रेखा बाई, सुनिता, दुर्गेश सोरी, तिहारूराम, त्रिलोक कश्यप, महेश कुमार, सहित बडी संख्या में ग्रामीण जन उपस्थित थे।

भारी पुलिस बल किया गया था तैनात

ग्राम पंचायत गोबरा के ग्रामीणों ने इस मामले को 08 फरवरी को चक्काजाम की चेतावनी दो दिन पूर्व ही ज्ञापन सौपकर दे दिया था जिसके चलते सुरक्षा के दृष्टि से भारी संख्या में पुलिस के बल तैनात किये गये थे। इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक चन्द्रेश ठाकुर, एसडीओपी पुलिस अनुज कुमार गुप्ता, एसडीएम मैनपुर हितेश पिस्दा, तहसीलदार वसीम सिददकी, थाना प्रभारी सचिन गुमस्ता एंव स्थानीय पुलिस के अधिकारी कर्मचारी भारी संख्या में उपस्थित थे।