कोरबा के 14 महीने की मासूम को बचाने 22 करोड़ के इंजेक्शन की जरुरत, 30 दिसंबर से वेंटिलेटर पर है मासूम सृष्टि

Chhattisgarh Crimes

कोरबा। मुंबई की मासूम तीरा की तरह छत्तीसगढ़ के कोरबा में भी एक मासूम बच्ची की सांसे धीरे-धीरे थम रही है। पिछले 48 दिनों से वेंटिलेटर पर जिंदगी और मौत से जंग लड़ रही 14 महीने की सृष्टि को 22 करोड़ रुपए के इंजेक्शन की जरूरत है, जो सात संमदर पार से आना है, लेकिन परिवार के सामने इतनी बड़ी रकम जमा कर पाना एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। ऐसे में परिवार और मासूम सृष्टि की थमती सांसो को लोगो की मदद की आस है। कोरबा के एसईसीएल दीपका परियोजना में काम करने वाले सतीश कुमार के छोटे से परिवार में सब कुछ सही चल रहा था, 22 नवंबर 2019 को सतीश के घर पर मासूम सृष्टि के जन्म के साथ नई खुशिया आई। लेकिन कुछ महीने बाद ही मानो इस परिवार की खुशियों पर ग्रहण लग गया।

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मासूम सृष्टि 5 महीने की होने के बाद भी स्वस्थ नही थी, परिवार के लोगों ने मासूम सृष्टि को बेहतर ईलाज के लिए बाहर ले जाते, उससे पहले ही मार्च महीने में कोरोना महामारी के कारण देशभर में कम्पलीट लॉक डाउन लग गया। लिहाजा स्थानीय स्तर पर मासूम सृष्टि का ईलाज किया जाता रहा, लेकिन सृष्टि को हुए गंभीर बीमारी का पता नही चल सका। 14 दिसंबर को सतीश अपनी मासूम बेटी को ईलाज के लिए सीएमसी बैलूर लेकर गये, जहां डाक्टरों ने मासूम सृष्टि के कई टेस्ट किये, और उन्ही टेस्ट के एक रिपोर्ट में मासूम सृष्टि को स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी टाईप-1 नामक गंभीर बीमारी के होने का पता चला। जिसका ईलाज डाक्टरो की टीम ने सात समंदर पार होने की जानकारी परिवार के लोगोे को दी। 30 दिसंबर को बैलूर से कोरबा लौटने के दौरान मासूम सृष्टि की तबियत एक बार फिर बिगड़ गयी, अब सृष्टि को दूध पीने में दम घूटने की दिक्कत आने लगी थी। लिहाजा बीच रास्ते से ही परिवार के लागों ने वापस लौटकर बच्ची को बिलासपुर अपोलो हॉस्पिटल में भर्ती कराया, जहां मासूम बच्ची की बिगड़ती हालत को देख उसे वेटिलेटर पर रखा गया है। स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी टाईप-1 नामक गंभीर बीमारी से ग्रसित मासूम सृष्टि के फेफड़े कमजोर होने के साथ ही उसकी स्थिति काफी नाजूक बनी हुई है। ऐसे में परिवार के लोगों को मुबई की मासूम तीरा की तरह आम लोगों से मदद की दरकार है, ताकि सृष्टि की जिंदगी बचाई जा सके।

प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से मदद की उम्मींद

मासूम सृष्टि के पिता ने अपनी बच्ची की जिंदगी के लिए प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से भी मदद मांगी है, लेकिन मदद की आस में परिवार के लिए एक-एक दिन पहाड़ की तरह लग रहा है। सृष्टि के नाम से बने मदद कोष में 14 दिनों में अब तक 356 लोगों ने 3 लाख 46 हजार 231 रुपए की मदद की है। लेकिन 22.50 करोड़ रुपए के सामने ये मदद काफी छोटी है। ऐसे में सृष्टि के माता-पिता को लोगो की मदद के साथ ही प्रधानमंत्री और सूबे के मुख्यमंत्री से काफी उम्मींदे है।