शहरों में गिरी संक्रमण दर, ग्रामीण क्षेत्रों में 300 फीसद तक बढ़ी

Chhattisgarh Crimes

रायपुर। छत्तीसगढ़ में समग्र रूप से अप्रैल की तुलना में मई के पहले सप्ताह में भले ही पाजिटिविटी दर में कमी दर्ज की गई हो, लेकिन यह गिरावट सिर्फ शहरी क्षेत्र में देखने को मिल रही हैं। अप्रैल में शहरी क्षेत्र में कोरोना का तेजी से प्रसार हुआ। शहरी क्षेत्र के अस्पतालाें में आक्सीजन बेड, वेंटिलेटर के लिए लोगों को भटकना पड़ा। उस दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति नियंत्रण में नजर आई।

स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों में अप्रैल के आखिरी सप्ताह से मई के पहले सप्ताह में तेजी देखने को मिल रही है। अब सर्वाधिक सक्रिय मामले रायगढ़, जांजगीर-चांपा, कोरबा, मुंगेली, कोरिया, बलौदाबाजार जैसे ग्रामीण बहुल जिलों में आ रहे हैं।

एपेडेमिक कंट्रोल के डायरेक्टर डा. सुभाष मिश्रा ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र में सावधानी बरतने में कमी के कारण संक्रमण फैल रहा है। जागरूकता की कमी के कारण ग्रामीण कोरोना काे भी सामान्य बुखार मान ले रहे हैं, जिसके कारण स्थिति गंभीर हो रही है। प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्र के जिले मुंगेली, सूरजपुर, बलरामपुर, जशपुर, जांजगीर-चांपा, गौरेला-पेंड्रा, बालोदाबाजार, कवर्धा, सरगुजा, कोरिया, गरियाबंद और धमतरी में पाजिटिविटी रेट बढ़ी है।

इन जिलों में एक मार्च तक संक्रमण की स्थित शून्य के करीब थी। यहां संक्रमण का प्रसार अचानक 15 अप्रैल के बाद बढ़ा है। वहीं, छत्तीसगढ़ में नौ अप्रैल से 10 मई तक के आंकड़ों को देखें तो गौरेला-पेंड्रा-मरवाही ज़िले में कोरोना के मामलों में सर्वाधिक 315.08 फीसद की बढ़ोत्तरी हुई।

मुंगेली में 263.63 फीसद, जशपुर में 200.40 फीसद, बलरामपुर में 185.10 फीसद और गरियाबंद में 178.89 फीसद तक पहुंच गया। इस दौरान सर्वाधिक शहरी आबादी वाले रायपुर में कोरोना की बढ़ोत्तरी 75.75 फ़ीसद और दुर्ग में 77.95 फ़ीसद रही।

पांच हजार से ज्यादा मरीज आने वाले जिले

प्रदेश में औसतन पिछले दस दिन में पांच हजार से ज्यादा मरीज आने वाले दस जिलों में छह जिले ग्रामीण आबादी वाले हैं। इसमें रायगढ़, जांजगीर-चांपा, रायपुर, कोरबा, बिलासपुर, मुंगेली, राजनांदगांव, कोरिया, बलौदाबाजार और महासमुंद है।