जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के तहत सहकारी बैंक कुसमी और शंकरगढ़ के ऑडिट में 23 करोड़ रुपए की गड़बड़ी का खुलासा हुआ

Chhattisgarh Crimesजिला सहकारी केंद्रीय बैंक के तहत सहकारी बैंक कुसमी और शंकरगढ़ के ऑडिट में 23 करोड़ रुपए की गड़बड़ी का खुलासा हुआ है। बैंकों और सहकारी समितियों के खाते से बगैर वाउचर और वैद्य दस्तावेज के करोड़ों रुपए निकाल लिए गए।

यह गड़बड़ी चार बैंक खातों से की गई है। अब जिला सहकारी बैंक के प्राधिकृत अधिकारी और सरगुजा कलेक्टर विलास भोस्कर ने सहकारी बैंक के मैनेजर समेत 7 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।

जानकारी के मुताबिक, शंकरगढ़ के सहकारी बैंक से अलग-अलग फर्जी खाता खोलकर बड़ी राशि का संचालन करने की जानकारी साल 2024 के ऑडिट रिपोर्ट में सामने आई थी। ऑडिट रिपोर्ट में सहकारी बैंक कुसमी और शंकरगढ़ में 8 करोड़ रुपए की गड़बड़ी पकड़ी गई थी।

सहकारी बैंक के प्राधिकृत अधिकारी और सरगुजा कलेक्टर विलास भोस्कर ने मामले में जांच के लिए सहकारी बैंक के सीईओ सहित अधिकारियों की जांच टीम गठित की थी। जांच टीम ने सहकारी बैंक शंकरगढ़, कुसमी और सहकारी समितियों के बैंक खातों की जांच की तो 23 करोड़ रुपए के घोटाले का खुलासा हुआ।

ज्वेलर्स दुकान को ट्रांसफर किए गए पौने दो करोड़

जांच के दौरान पता चला कि, जिला सहकारी बैंक शंकरगढ़ के तहत संचालित आदिम जाति सेवा सहकारी समिति जमड़ी के बैंक खाते में किसानों की राशि जमा थी। इसमें से 1 करोड़ 82 लाख रुपए अंबिकापुर के जमुना अलंकार मंदिर के बैंक खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर किए गए। यह राशि अलग-अलग खातों से सहकारी बैंक के लेखापाल और अधिकारियों ने किया है।

फर्जी खाते खोलकर किया गया घोटाला

जिला सहकारी बैंक के प्राधिकृत अधिकारी द्वारा गठित जांच रिपोर्ट में शामिल सहकारी बैंक के सीईओ, लीड बैंक प्रबंधक और सहायक कोषालय अधिकारी की जांच में पता चला कि, सहकारी बैंक के जिम्मेदार अधिकारी ही इस गड़बड़ी में संलिप्त रहे।

शंकरगढ़ के शाखा प्रबंधक अशोक कुमार सोनी करीब 10 साल तक बैंक में पदस्थ रहे। बैंक के अधिकारियों और स्टाफ ने फर्जी खाते खोले और समितियों के बचत खातों के साथ ही फर्जी खातों से बड़ी रकम बिना बाउचर-अधिकार पत्र के आहरित किया या ऑनलाइन ट्रांसफर किया।

जमड़ी समिति से 19 करोड़ रुपए का ट्रांजेक्शन

जांच में पता चला कि, सहकारी समिति जमड़ी के खाते से 18 करोड़ 91 लाख रुपए का ट्रांजेक्शन किया गया। सहकारी समिति जमड़ी के नाम पर संचालित खाते का संचालन समिति के अध्यक्ष और प्रबंधक को करना था, लेकिन वाउचर में खाते से नगद आहरण, ट्रांजेक्शन अन्य लोगों द्वारा करना पाया गया।

जनपद कार्यालय का भी फर्जी खाता

सहकारी बैंक शंकरगढ़ की जांच में जनपद पंचायत शंकरगढ़ के नाम से फर्जी खाता संचालित मिला। यह फर्जी खाता जनपद कार्यालय के नाम से संचालित खाते में जमा दस्तावेज के आधार पर ही जनवरी 2021 में खोला गया था। इस खाते में जनवरी से अगस्त 2021 तक 91 लाख 57 हजार रुपए का ट्रांजेक्शन किया गया। राशि जमा करने और निकासी का वाउचर भी नहीं मिला है।

7 अधिकारियों, कर्मियों पर FIR का आदेश

इस मामले में सहकारी बैंक के प्राधिकृत अधिकारी विलास भोस्कर ने गड़बड़ी में शामिल 7 अधिकारियों, कर्मचारियों पर FIR दर्ज करने का आदेश सहकारी बैंक के सीईओ को दिया है। जांच में घोटाले में सहकारी बैंक के शाखा प्रबंधक अशोक कुमार सोनी सहित विकास चंद्र पांडेय, अतबल सिंह, समल साय , जगदीश प्रसाद, राजेंद्र गुप्ता और विजय कुमार उईके की संलिप्तता मिली है।

सभी खातों के जांच का आदेश

कलेक्टर विलास भोस्कर ने बताया कि शंकरगढ़ और कुसमी में संचालित सभी साढ़े चार हजार से अधिक बैंक खातों के जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर ने जांच रिपोर्ट में मिली गड़बड़ी की जानकारी मुख्य सचिव और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया को भी भेज दी गई है।

सभी बैंकों की जांच कराने की अनुशंसा

सरगुजा कलेक्टर और सहकारी बैंक सरगुजा के अंतर्गत आने वाले सभी बैंकों की जांच कराने की अनुशंसा की है। सहकारी बैंकों में एक ही मोबाइल नंबर से 24020 खाते लिंक मिले। एक ही पैन नंबर पर 5297 बैंक खाते संचालित मिले थे। इन खातों को फिलहाल होल्ड कर दिया गया है

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