
प्रदर्शन के जरिए NSUI ने कहा कि, अभी तक विभागों में सिलेबस अधूरा है। छात्रों की पढ़ाई पूरी नहीं हो पाई है। ऐसे में सेमेस्टर एग्जाम लेने से छात्रों के रिजल्ट पर असर पड़ेगा। इस दौरान NSUI के कार्यकर्ताओं और स्टूडेंट ने रजिस्ट्रार को सेमेस्टर परीक्षाओं से जुड़ी समस्याओं के बारे में जानकारी दी।
NSUI ने रखी ये मांगें
- सेमेस्टर परीक्षा की तारीख को आगे बढ़ाया जाए, ताकि जिन डिपार्टमेंट में सिलेबस अधूरा है, वहां छात्रों को पढ़ाई का समय मिल सके।
- सुबह 7 बजे से प्रस्तावित परीक्षा समय को संशोधित कर 8 या 9 बजे किया जाए, ताकि छात्रों को सहूलियत हो।
- जिन विभागों में अभी तक नियमित शिक्षकों की नियुक्ति नहीं हो सकी है (जैसे BA.LLB, Geology, BCA, Pharmacy, MA History, RETM, B.Voc, M.Sc., B.Com जैसे विभागों में जल्द शिक्षकों की नियुक्ति की जाए।
एग्जाम की तारीख आगे नहीं बढ़ी तो करेंगे उग्र प्रदर्शन
NSUI के जिला महासचिव रजत ठाकुर ने बताया कि, विश्वविद्यालय प्रशासन को छात्रों की मांगों के बारे में बताया गया है। हमें आश्वासन दिया गया कि 4 से 5 दिनों के में एग्जाम की तारीख में बदलाव कर दिया जाएगा। साथ ही अन्य परेशानियों को भी जल्द समाधान किया जाएगा। अगर यूनिवर्सिटी प्रशासन हमारी मांगों को जल्द पूरा नहीं करेगा, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
सोमवार को प्रदर्शन के दौरान NSUI के पुनेश्वर लहरे, अंकित बंजारे, हिमांशु तांडी, आलोक खरे, विनय साहू, यश देवांगन, तिरुपति राव, वीनू जांघेल, आशीष पांडे, नागेश निर्मलकर, दीपक साहू समेत बड़ी संख्या में स्टूडेंट मौजूद रहे।