रायपुर। कर्नाटक में 10 मई को विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, जिसे लेकर सभी राजनीतिक पार्टियों ने कमर कस ली है। इस 224 विधानसभा सीटों वाले राज्य में चुनाव को लेकर कांग्रेस ने 66 विधानसभा क्षेत्र में ऑब्जर्वर की नियुक्ति की है, जो आने वाले चुनाव में विधानसभा स्तर पर जिम्मेदारी निभाएंगे। इस लिस्ट में छत्तीसगढ़ से भी 3 नेताओं को नियुक्त किया गया है।
जिसमें रायपुर पश्चिम के विधायक और कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव विकास उपाध्याय, बिलासपुर से विधायक शैलेश पांडे और कांग्रेस नेता पंकज शर्मा को कर्नाटक चुनाव में विधानसभा ऑब्जर्वर बनाया गया है। ऐसे पहली बार नहीं है कि जब कांग्रेस आलाकमान ने छत्तीसगढ़ के नेताओं को किसी चुनावी राज्य में जिम्मेदारी दी है। इससे पहले भी विकास उपाध्याय को असम चुनाव के समय प्रभारी बनाया गया था।
कर्नाटक विधानसभा के नतीजे 13 मई को आएंगे। मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने बताया था कि कि वोटिंग एक चरण में कराई जाएगी। कर्नाटक में 5.21 करोड़ मतदाता हैं, जो 224 विधानसभा सीटों पर मतदान करेंगे। राज्य में मौजूदा भाजपा सरकार का कार्यकाल 24 मई को खत्म हो रहा है। इस बार मुकाबला भाजपा, कांग्रेस और JDS के बीच रहेगा। पिछली बार भी JDS-कांग्रेस ने अलग-अलग चुनाव लड़ा था। मगर बहुमत का आंकड़ा दोनों ही दलों को नहीं मिला। इस वजह से जेडीएस और कांग्रेस ने गठबंधन कर लिया था। हालांकि कुछ समय बाद कांग्रेस-जेडीएस की सरकार गिर गई थी।
5 साल में 3 CM, पहले JDS-कांग्रेस, फिर भाजपा की सरकार
कर्नाटक में 224 विधानसभा सीटें हैं। 2018 में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा को 104, कांग्रेस को 78 और JDS ने 37 सीटें जीती थीं। किसी पार्टी को बहुमत नहीं मिला था। येदियुरप्पा ने 17 मई को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली और सदन में बहुमत साबित नहीं करने के कारण 23 मई को इस्तीफा दे दिया। इसके बाद कांग्रेस-JDS की गठबंधन सरकार बनी।
14 महीने बाद कर्नाटक की सियासत ने फिर करवट ली। कांग्रेस और JDS के कुछ विधायकों की बगावत के बाद कुमारस्वामी को कुर्सी छोड़नी पड़ी। इन बागियों को येदियुरप्पा ने भाजपा में मिलाया और 26 जुलाई 2019 को 219 विधायकों के समर्थन के साथ CM बीएस येदियुरप्पा बने, लेकिन 2 साल बाद ही उन्होंने इस्तीफा दे दिया। बसवराज बोम्मई को यहां का मुख्यमंत्री बना दिया गया।