
महासमुंद | छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना में फर्जीवाड़े का एक और गंभीर मामला सामने आया है। इस बार ग्राम पंचायत घोडारी के सचिव रमाकांत गोस्वामी को निलंबित कर दिया गया है, क्योंकि उन्होंने अपनी पत्नी के नाम पर गलत जानकारी देकर योजना का लाभ उठाया था।
रमाकांत गोस्वामी और उनकी पत्नी नीलम गोस्वामी, जो दोनों सरकारी नौकरी में हैं, ने महतारी वंदन योजना के तहत प्रतिमाह एक हजार रुपये लेने के लिए धोखाधड़ी और फर्जीवाड़ा किया। मामले में सचिव, शिक्षिका और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज हो सकती है। यह मामला महासमुंद जिले का है।
जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत सचिव रमाकांत गोस्वामी ने अपनी पत्नी, जो ग्राम केशवा में शिक्षिका के रूप में कार्यरत हैं, के नाम पर गलत जानकारी देकर महतारी वंदन योजना का लाभ लिया। सचिव ने योजना के तहत फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल करके अपनी पत्नी के बैंक खाते में राशि जमा करवाई। जिला पंचायत महासमुंद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा जारी आदेश के अनुसार, यह फर्जीवाड़ा शासकीय नियमों का उल्लंघन है।
रमाकांत गोस्वामी ने इस धोखाधड़ी की सूचना किसी को नहीं दी, जो उनकी संलिप्तता को स्पष्ट करता है। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए, उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय जिला पंचायत महासमुंद रहेगा, और उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा।
कलेक्टर विनय कुमार लहंगे ने कहा कि महतारी वंदन योजना में गड़बड़ी के मामले को गंभीरता से लिया गया है। जैसे ही मामला सामने आया, सचिव को निलंबित किया गया और शिक्षा विभाग को निर्देशित किया गया है कि शिक्षिका के खिलाफ भी कार्रवाई की जाए। इसके अलावा, आवश्यकता अनुसार इन आरोपियों पर एफआईआर भी दर्ज की जाएगी।
यह पहली बार नहीं है जब महतारी वंदन योजना में फर्जीवाड़ा हुआ हो। इससे पहले, छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में एक साइबर कैफे संचालक ने सनी लियोन के नाम पर फर्जी फॉर्म भरकर योजना का लाभ लिया था, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। यह मामला प्रदेशभर में सुर्खियां बना था।