मुंगेली जिले में 25 जून 1975 को आपातकाल की 50वीं वर्षगांठ पर छत्तीसगढ़ राज्य भंडार गृह निगम के अध्यक्ष और महासमुंद के पूर्व सांसद चंदूलाल साहू ने प्रेस वार्ता ली

Chhattisgarh Crimesमुंगेली जिले में 25 जून 1975 को आपातकाल की 50वीं वर्षगांठ पर छत्तीसगढ़ राज्य भंडार गृह निगम के अध्यक्ष और महासमुंद के पूर्व सांसद चंदूलाल साहू ने प्रेस वार्ता ली।

उन्होंने बताया कि तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने आंतरिक अशांति का बहाना बनाकर देश पर आपातकाल थोप दिया था। यह निर्णय किसी युद्ध या विद्रोह के कारण नहीं, बल्कि अपना चुनाव रद्द होने और सत्ता बचाने की हताशा में लिया गया था।

इस दौरान कांग्रेस ने लोकतांत्रिक संस्थाओं, प्रेस की स्वतंत्रता, न्यायपालिका की निष्पक्षता और नागरिकों के मौलिक अधिकारों को कुचल दिया। साहू ने कहा कि आज भी कांग्रेस की मानसिकता में बदलाव नहीं आया है।

आपातकाल की पृष्ठभूमि में कई घटनाएं थीं। 8 मई 1974 को जॉर्ज फर्नांडिस के नेतृत्व में केरल हड़ताल ने पूरे देश को प्रभावित किया। इसे रोकने के लिए गुजरात में राष्ट्रपति शासन लगाया गया। 1975 में गुजरात विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की हार हुई।

12 जून 1975 को कोर्ट ने इंदिरा गांधी को चुनाव में दोषी ठहराया और 6 सालों तक निर्वाचित पद से अयोग्य घोषित किया। इसके बाद राजनीतिक अस्थिरता बढ़ी। 25 जून की आधी रात को राष्ट्रपति से हस्ताक्षर कराकर आपातकाल लगा दिया गया।

आपातकाल के दौरान प्रेस की बिजली काट दी गई। कई नेताओं को बंदी बनाया गया। मुंगेली के द्वारिका जायसवाल समेत अनेक लोगों को जेल में डाल दिया गया।

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