छत्तीसगढ़ में नक्सल हिंसा पर नकेल का दावा, 2021 में अब तक 189 नक्सलियों ने किया सरेंडर, 15 एनकाउंटर हुए

Chhattisgarh Crimes

रायपुर. केंद्र सरकार और छत्तीसगढ़ सरकार की नीतियों की वजह से नक्सल हिंसा पर नकेल कसने का दावा किया जा रहा है. पिछले तीन साल में नक्सली घटनाओं में कमी दर्ज की गई है. बीते सोमवार को गृहमंत्री अमित शाह की नक्सल प्रभावित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की समीक्षा बैठक में भी इसका जिक्र किया गया. सूत्रों के मुताबिक वर्ष 2019 में 18, 2020 में 15 और वर्ष 2021 में 20 सितंबर तक 3 ही नक्सली मारे गए हैं. जबकि इसी अवधि में आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों की संख्या बढ़ गई है. वर्ष 2019 में 184, 2020 में 271 और 2021 में 20 सितंबर तक 189 नक्सलियों ने छत्तीसगढ़ में आत्मसमर्पण किया है.

छत्तीसगढ़ में नक्सल विरोधी अभियान तहत वर्ष 2019 में 282 नक्सलियों को पकड़ा गया. 2020 में यह आंकड़ा घटकर 212 और 2021 में अभी तक 249 तक पहुंच गया. बस्तर में चलाए जा रहे नक्सल विरोधी अभियान के तहत हथियारों के अलावा गोला बारूद भी पकड़ा गया है. वर्ष 2019 में 42, 2020 में भी 42 और 2021 में 25 अलग अलग तरह के हथियारों जब्त किया गया. वर्ष 2019 में 213.75 किलोग्राम बारूद अर्धसैनिक बलों ने जब्त किया. वहीं, 2020 में 20.1 किलोग्राम और 2021 में 33.57 किलोग्राम गोला बारूद पकड़ा गया. गृह मंत्रालय के ही आंकड़ों के मुताबिक सर्च ऑपरेशन में वर्ष 2019, 2020 में 112, 112 IED और 2021 में 71 IED को सुरक्षा बल ने बरामद करके कई बड़ी वारदातों के होने से बचा लिया.

राज्य में नक्सल घटनाएं

सूत्रों के मुताबिक छत्तीसगढ़ में नक्सली घटनाएं वर्ष 2019 में 354, 2020 में 322 और वर्ष 2021 में 20 सितंबर तक 296 हुई है. इसी तरह से नक्सल के खिलाफ वर्ष 2019 में 299, वर्ष 2020 में 267 और वर्ष 2021 में 251बार अभियान चलाया गया. फोर्स के लगातार बढ़ते दबदबे की वजह से वर्ष 2019 में 31, 2020 में 28 और 2021 में 20 सितंबर तक 15 एनकाउंटर नक्सलियों के साथ हुए हैं. नक्सलियों ने भी वर्ष 2019 में IED या माइन धमाकों की 11, 2020 में 9 और वर्ष 2021 में 20 सितंबर तक 5 घटनाओं को अंजाम दिया है. सुरक्षा बलों के कैम्प पर 2019 में एक, 2020 में चार और 2021 में अभी तक एक बार ही नक्सली हमला करने में सफल हो पाए हैं.