केंद्रीय मंत्रिमंडल में छत्तीसगढ़ से किसी को मौका नहीं!

Chhattisgarh Crimes

रायपुर। केंद्रीय मंत्रिमंडल में नए मंत्रियों के शपथ में अब कुछ ही घंटे बच गए हैं, मगर छत्तीसगढ से किसी भी सांसद के पास फोन नहीं आए हैं। जबकि, ऐसा पता चला है कि जिन मंत्रियों को आज शाम शपथ दिलाया जाएगा, उन्हें कल रात फोन कर इत्तला कर दिया गया था।

छत्तीसगढ़ से बीजेपी के नौ सांसद हैं। दो राज्य सभा सदस्य भी। इनमें से सरोज पाण्डेय और संतोष पाण्डेय का नाम सवर्ण से और ओबीसी से अरुण साव और सुनील सोनी का नाम केंद्रीय मंत्री बनने खासे चर्चा में थे। ये सभी सांसद कई दिन से दिल्ली में हैं। इनकी लॉबिंग भी तगड़ी हुई थी।

बहुप्रतीक्षित मोदी मंत्रिमंडल विस्तार आज़ शाम होने जा रहा है, इस विस्तार में जो शाम छ बजे होने जा रहा है, उसमें अपेक्षितों को जिनकी संख्या बीस के आस-पास बताई जा रही है। छत्तीसगढ़ के साथ उपेक्षितों वाला यह व्यवहार केंद्रीय स्तर पर याने दिल्ली स्तर पर अनवरत जारी है। एक अटलजी की सरकार में जरुर छत्तीसगढ के भाग्य जगे थे जब कि छत्तीसगढ़ से तीन-तीन नाम मंत्रिमंडल में शामिल थे। स्व. अटलजी ही ने आखि़रकार छत्तीसगढ़ को पृथक राज्य के रुप में भारत के नक़्शे पर उकेरा था। अटल मंत्रिमंडल में तब पहले दिलीप सिंह जूदेव, रमेश बैस मंत्री थे। दिलीप सिंह के हटने पर फिर रमन सिंह को मौका मिला।

लेकिन फिर ऐसा संयोग दुबारा नही आया। यूपीए सरकार में डॉ चरणदास महंत बने लेकिन वो भी आखिरी समय में। उन्हें भी राज्य मंत्री का ही दर्जा मिला। मोदी सरकार में भी छत्तीसगढ़ के हिस्से राज्यमंत्री का दर्जा आया, मौजूदा समय में राज्यमंत्री श्रीमती रेणुका सिंह का नाम शामिल है।