अब बार कोड से भी कर सकेंगे संपत्तिकर का आनलाइन भुगतान, निगम ने तैयार करवाया बार कोड युक्त पर्चा

Chhattisgarh Crimes

रायपुर। राजधानी में संपत्तिकर भुगतान के लिए नगर निगम की ओर से तरह-तरह की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। लोग एक ओर जहां पोर्टल से आनलाइन भुगतान कर सकते हैं, वहीं दूसरी ओर वार्डों में डिजिटल नंबर प्लेट लगाया जा रहा है। यूनिक डिजिटल प्लेट में छपे क्यूआर कोड को स्कैन करके प्रापर्टी टैक्स का भुगतान किया जा सकता है। नगर निगम ने ज्यादा से ज्यादा संपत्तिकर का आनलाइन भुगतान करने के लिए सरकारी व सार्वजनिक भवनों, निजी कालोनियों और ऐसे वार्ड जहां पर डिजिटल नंबर प्लेट नहीं लगे हैं, वहां के सार्वजनिक स्थान पर बार कोड लगाने की कवायद शुरू कर दी है। निगम ने करीब एक हजार बार कोड युक्त पर्चा तैयार कराया है, जिसे जल्द ही चस्पा किया जाएगा।

अधिकारियों का कहना है कि पर्चे में छपे क्यूआर कोड को स्कैन करने के बाद अपनी प्रापर्टी आइडी डालकर अथवा वार्ड नंबर, नाम, मोबाइल नंबर से प्रापर्टी सर्च कर संपत्तिकर का आनलाइन भुगतान किया जा सकता है। इसकी रसीद आनलाइन ही जनरेट हो जाएगी। राजधानी में सभी मकानों को डिजिटल डोर नंबर प्लेट के जरिए एक यूनिक आइडी देकर सुविधाओं को हाईटेक बनाने का काम किया जा रहा है।

नगर निगम क्षेत्र के सभी जोनों में घरों के बाहर डिजिटल डोर नंबर लगाए जाने हैं। शहर के 28 वार्डों में डिजिटल नंबर प्लेट लग गया है, जबकि 10 में काम जारी है। अधिकारियों का कहना है कि सभी घरों के बाहर डिजिटल डोर नंबर प्लेट लगाए जाने का काम अगस्त तक पूरा करना है। प्लेट लगाने में 148 सर्वेयर लगाए गए हैं। डिजिटल डोर नंबर प्लेट लगाए जाने से रोजाना आठ से नौ लाख रुपये का आनलाइन टैक्स भुगतान हो रहा है। इससे पहले रोजाना एक से दो लाख रुपये का ही भुगतान होता था।

28 वार्डों में लगे डिजिटल नंबर प्लेट

पहले उन वार्ड में प्लेट लगाए जा रहे हैं, जहां आनलाइन भुगतान के प्रति लोग जागरूक हैं। बताया जाता है कि वार्ड 28 शहीद हेमू कालाणी, वार्ड 11 कालीमाता, वार्ड 16 वीर शिवाजी, वार्ड 57 भगवती चरण शुक्ला, वार्ड 18 बाल गंंगाधर तिलक, वार्ड 29 गुरु गोविंद सिंह, वार्ड 49 गुरु घासीदास, वार्ड 25 शांति रामदास वार्ड समेत 28 वार्डों में काम पूरा हो चुका है।

रायपुर नगर निगम के अपर आयुक्त अरविंद शर्मा का कहना है कि एक हजार बार कोड युक्त पर्चा तैयार कराया गया है, जिसे जल्द ही सरकारी व सार्वजनिक भवनों व स्थानों और निजी कालोनियों के बाहर चस्पा किया जाएगा। क्यूआर कोड को स्कैन करके लोग आसानी से संपत्तिकर का आनलाइन भुगतान कर सकते हैं।

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