महासमुंद में कलेक्टर के खिलाफ धरने पर बैठा अधिकारी

Chhattisgarh Crimes

रायपुर। महासमुंद में एक अफसर ने कलेक्टर डोमन सिंह के खिलाफ ही मोर्चा खोल दिया है। ना सिर्फ मोर्चा, बल्कि नाराज अफसर अब धरने पर बैठ गया है। पूरा मामला भ्रष्टाचार और भ्रष्टाचार के मामले में कार्रवाई नहीं होने को लेकर है। महासमुंद के महिला बाल विकास अधिकारी सुधाकर बोदले का आरोप है कि विभाग से जुड़े भ्रष्टाचार को लेकर उसने जांच प्रतिवेदन कलेक्टर को भेजा था, लेकिन कलेक्टर ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की। दो पेज के कलेक्टर को संबोधित पत्र में सुधाकर ने लिखा है कि महिला बाल विकास अधिकारी के पद पर रखते हुए उन्हें ज्यादा अधिकार नहीं है, लिहाजा वो कार्रवाई नहीं कर पा रहा है।

सुधाकर बोदले ने आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री कन्यादान योजना और रेडी टू ईट वितरण योजना में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां हुई है। कन्यादान योजना के उपहार खरीदी में करीब 20 लाख और रेडी टू ईट योजना में 10 लाख का भ्रष्टाचार किया गया है, जिसका जांच प्रतिवेदन कलेक्टर को भेजा गया था, लेकिन उस पर किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं की गयी है।

पत्र में सुधाकर ने लिखा है कि कार्यक्रम पदाधिकारी रहते उन्होंने बस्तर, सुकमा और महासमुंद में काफी अच्छा काम किया था, लेकिन मौजूदा वक्त में उसे महिला बाल विकास अधिकारी बना दिया गया है, जिसके पास अधिकार कार्रवाई करने के नहीं है। ऐसे में वो गड़बड़ियों पर कार्रवाई नहीं कर पा रहा है।

इधर जिला के ही अधिकारी द्वारा कलेक्टर के खिलाफ इस तरह के प्रदर्शन करने पर उतारू होने से प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।