नदी-नाले उफान पर, पेंड्रा से मरवाही और बस्तीबगरा रूट बंद, 2 दर्जन गांवों का संपर्क टूटा

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पेंड्रा। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में 36 घंटे से बारिश का दौर जारी है। नदी-नाले उफान पर आ गए हैं। कई पुलों के ऊपर से पानी बह रहा है। इसके चलते पेंड्रा से मरवाही और बस्तीबगरा रूट बंद हो गया है। वहीं दो दर्जन से ज्यादा गांवों को भी संपर्क टूट चुका है। बिजली के तार गिरने से 100 से ज्यादा गांवों में आपूर्ति बाधित हो गई है। सबसे ज्यादा नुकसान किसानों को उठाना पड़ा है। सूखे की मार से झेल रहे किसानों की धान और मक्के की फसल अब बारिश ने बर्बाद कर दी है।

मंगलवार रात को हुई बारिश ने स्थिति को बिगाड़ दिया है। सभी बांध 100% पानी से भर चुके हैं। जिले की सभी नदियां उफान पर हैं। सोन नदी पर सचराटोला और चिचगोहना गांवों में बनाया गया मरवाही मार्ग पुल डूब चुका है। इस पर आवागमन पूरी तरह से बंद है। वहीं वहीं बम्हनी नदी के बढ़ने से पेंड्रा से बस्तीबगरा जाने वाला मार्ग पानी में डूबा हुआ है। इससे करीब 2 दर्जन गांवों का संपर्क टूट गया है। जिले में नदियों पर बने सभी पुल जलमग्न हो चुके हैं।

सभी नदियां उफान पर होने से हर रास्ते हुए जलमग्न

जिले की सोनभद्र नदी अपने विकराल रूप में है। चिचगोहना गांव में बना विशाल पुल हुआ जलमग्न हो चुका है। अरपा नदी का पानी बढ़ने से खोडरी और खोंगसरा के कई स्थानों पर सड़कें डूबी हुई हैं। यहां आवाजाही पूरी तरह से बाधित है। बारिश के कारण करीब 100 से अधिक गांवों में बिजली भी गुल है। राहत की बात यह है कि अब तक कहीं से भी जनहानि की सूचना नहीं मिली है। प्रशासन की ओर से लोगों की सुरक्षा-व्यवस्था का प्रयास किया जा रहा है।

पानी में डूबा स्कूल, कोरबा मार्ग पर गिरा पेड़ और बिजली तार

पिपरिया गांव में एलान नदी के उफान में होने के कारण खेतों में लगी धान और मक्का की फसल बर्बाद हो गई है। गौरेला से सटे कोरजा गांव में भी तिपान नदी का जलस्तर बढ़ने से मुख्यमार्ग में बना पुल डूब गया है। कोटखर्रा गांव में धान की फसल को नुकसान हुआ है। शहरी इलाकों में भी स्थिति खराब है। जिला सबसे पुराना जनपद स्कूल प्रांगण में पानी से भर गया। पेंड्रा से मनेन्द्रगढ़ और कोरबा को जाने वाले मार्ग पर पेड़ व बिजली का तार गिरने से आवाजाही बाधित है।