मेडिकल कॉलेज में हुई ऑक्सीजन की किल्लत, अब तक 12 मरीजों ने तोड़ दिया दम

Chhattisgarh Crimes

भोपाल/शहडोल। बेकाबू कोरोना से मौत का सिलसिला थम नहीं रहा. मध्य प्रदेश के शहडोल में उस वक्त हड़कंप मच गया गया, जब यहां ऑक्सीजन की कमी से 12 कोविड मरीजों की मौत हो गई. यह घटना शहडोल मेडिकल कॉलेज में हुई. इसके अलावा अन्य वजहों से 10 और कोविड मरीजों की मौत 24 घंटे में यहां हुई है. इन 12 मौतों की पुष्टि शहडोल के अपर कलेक्टर अर्पित वर्मा ने भी की है.

मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. मिलिंद शिरालकर ने भी ऑक्सीजन की कमी से हुई इन 12 मौतों की पुष्टि कर दी है, डीन ने बताया है कि अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी के चलते अब सिर्फ अति गंभीर मरीजों को ही ऑक्सीजन दी जा रही है. लेकिन हैरान करने वाली बात ये है कि शहडोल के जिलाधिकारी ने इन मौतों के पीछे ऑक्सीजन की कमीं को कारण मानने से इंकार कर दिया है.

दूसरी तरफ परिजनों का कहना है कि सिलेंडर की कमीं के कारण मौत हुई है, एक मृतक के परिजन ने बताया कि उन्होंने मरीज को खाना खिलाकर सुलाया था, उसके बाद सुबह पता चला कि मौत हो गई है, जब उन्होंने गार्ड से पूछा तो गार्ड ने बताया कि ऑक्सीजन की कमी के चलते मौत हुई है. लेकिन शहडोल का जिला प्रशासन लगातार ये साबित करने की कोशिश कर रहा है कि मौत ऑक्सीजन की कमी से नहीं हुई है. ऑक्सीजन की कमी के बाद कई मरीजों को ऑक्सीजन मास्क हाथ से दबाना पड़ा, मरीजों को लग रहा था कि शायद सही तरह से दबाने से ऑक्सीजन आ जाए। मामले में पहले मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. मिलिंद शिरालकर ने 6 मौतों की पुष्टि की। इसके थोड़ी देर बाद ही अपर कलेक्टर अर्पित वर्मा ने 12 मौतें होने की जानकारी दी।

पूर्व सीएम कमलनाथ ने ट्वीट कर कहा है कि अब शहडोल में ऑक्सीजन की कमी से मौतों की बेहद दुखद खबर। भोपाल , इंदौर, उज्जैन, सागर, जबलपुर, खंडवा, खरगोन में ऑक्सीजन की कमी से मौतें होने के बाद भी सरकार नहीं जागी ? आखिर कब तक प्रदेश में ऑक्सीजन की कमी से यूं ही मौतें होती रहेगी?