पहाड़ी कोरवा परिवार सामूहिक आत्महत्या मामला; नारायण चंदेल और रामविचार नेताम ने कांग्रेस सरकार पर साधा निशाना

Chhattisgarh Crimes

जशपुर। जशपुर में पहाड़ी कोरवा परिवार के सामूहिक आत्महत्या मामले की जांच के लिए प्रदेश भाजपा का जांच दल शुक्रवार को झुमराडूमर गांव पहुंचा। भाजपा जांच दल का नेतृत्व नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल ने किया। उनके साथ पूर्व सांसद रामविचार नेताम भी मौजूद थे।

बीजेपी के 7 सदस्यीय दल ने मृतकों के परिवार से मुलाकात की और उनकी समस्याओं के बारे में जाना। बीजेपी के जांच दल ने पीड़ित परिवार मृतकों के बारे में बातचीत की। उन्होंने घटना के पीछे की वजहों को भी तलाशने की कोशिश की। यहां ग्रामीणों ने जांच दल के सामने अपनी समस्याएं रखीं।

बता दें कि 6 दिन पहले जशपुर जिले में पहाड़ी कोरवा परिवार ने फांसी लगाकर सामूहिक आत्महत्या कर ली थी। पति-पत्नी और 2 बच्चों समेत 4 लोगों की लाश फांसी पर लटकी हुई मिली थी। घटना बगीचा थाना क्षेत्र के सामरबार झुमराडुमर गांव की थी। जिसके बाद बीजेपी ने 7 सदस्यीय जांच दल का गठन किया था। मामले की जांच कर प्रदेश भाजपा की जांच टीम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और केंद्र सरकार को अपनी रिपोर्ट भेजेगी।

पहाड़ी कोरवा परिवार के सामूहिक आत्महत्या मामले में बीजेपी लगातार छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार पर निशाना साध रही है। नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल और पूर्व सांसद रामविचार नेताम ने कहा कि राशन, सड़क, पानी, जाति निवास प्रमाण पत्र जैसी मूलभूत सुविधाओं के अभाव में पहाड़ी कोरवा परिवार ने आत्महत्या जैसा बड़ा कदम उठाया। परिवार भूख और गरीबी से परेशान था। बीजेपी के दोनों वरिष्ठ नेताओं ने इसके लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को जिम्मेदार ठहराया।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि 2 दिन पहले सीएम भूपेश बघेल जशपुर दौरे पर थे, इसके बावजूद उन्होंने न तो पहाड़ी कोरवा परिवार के प्रति कोई संवेदना व्यक्त की और न ही उनसे मिलने पहुंचे। नारायण चंदेल ने कहा कि सीएम ने पीड़ित परिवार के लिए मुआवजे का ऐलान भी नहीं किया। नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल ने सरकार को असंवेदनशील सरकार बताया।

बीजेपी के वरिष्ठ नेता रामविचार नेताम ने कहा कि बीजेपी जांच दल द्वारा लोगों से बात करने पर पता चला कि यहां पहाड़ी कोरवा परिवारों के पास जमीन का पट्टा नहीं है, उनके जाति निवास प्रमाण पत्र नहीं बन रहे हैं, राशन के लिए उन्हें 10 किलोमीटर दूर जाना पड़ता है, ये बहुत ही दयनीय स्थिति में जीने को मजबूर हैं।

गौरतलब है कि अभी तक पहाड़ी कोरवा परिवार के सामूहिक आत्महत्या की स्पष्ट वजहों का खुलासा नहीं हो पाया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। मृतकों के नाम राजू राम (35 वर्ष), भिन्सारिन बाई (22 वर्ष), देवंती (3 वर्ष), देवन साय (1 वर्ष) हैं। पुलिस ने बताया कि चारों ने 1 अप्रैल की रात को आत्महत्या की। बता दें कि पहाड़ी कोरवा एक संरक्षित जनजाति है, जिन्हें राष्ट्रपति ने गोद लिया है।

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