रायपुर में चौपाटी बनाने के खिलाफ याचिका : टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग और कंस्ट्रक्शन कंपनी को भी बनाया पक्षकार

Chhattisgarh Crimes

बिलासपुर। रायपुर स्थित चौपाटी मामले में गुरुवार को हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। याचिकाकर्ताओं ने प्रकरण में टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के साथ ही ठेकेदार को पक्षकार बनाया है, जिस पर हाईकोर्ट ने राज्य शासन, नगर निगम सहित अन्य सभी पक्षकारों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। इससे पहले कोर्ट ने याचिकाकर्ता को गूगल MAP के दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे।

रायपुर के साइंस कॉलेज ग्राउंड में नगर निगम चौपाटी बना रहा है। पूर्व मंत्री राजेश मूणत इसका विरोध कर रहे हैं और धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका कहना है कि साइंस कॉलेज ग्राउंड और रविशंकर यूनिवर्सिटी कैंपस एजुकेशन हब है, यहां चौपाटी बनाना अवैधानिक है। राजेश मुणत और भाजपा के जिलाध्यक्ष जयंती पटेल ने एडवोकेट प्रदीप मिश्रा जयप्रकाश शुक्ला के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दायर कर चौपाटी निर्माण कार्य रोकने की मांग की है।

चौपाटी निर्माण करना मास्टर प्लान का उल्लंघन है

याचिका में कहा गया है कि रायपुर नगर निगम का मास्टर प्लान 2011 में बना था, जिसे 2021 में एप्रुव कराया गया है। मास्टर प्लान में शैक्षणिक संस्थाओं के आसपास कमर्शियल एक्टीविटी स्वीकृत नहीं है। इसके बावजूद स्मार्ट सिटी लिमिटेड कंपनी और नगर निगम की ओर से बिना किसी सक्षम अधिकारी की स्वीकृति और अनुमति के अवैधानिक रूप से चौपाटी का निर्माण किया जा रहा है।

नगर निगम नहीं दे रहा दस्तावेज

याचिका में यह भी बताया गया है कि नगर निगम और स्मार्ट सिटी कंपनी किस आधार पर शैक्षणिक संस्थाओं के परिसर में चौपाटी बना रहे हैं, इस संबंध में याचिकाकर्ताओं ने नगर निगम से दस्तावेज भी मांगे थे। लेकिन, नगर निगम की ओर से उन्हें दस्तावेज भी नहीं दिया गया। वहीं, मनमाने तरीके से चौपाटी निर्माण कार्य भी शुरू कर दिया गया है, जिस पर रोक लगाने की मांग की गई है।

हाईकोर्ट ने सभी पक्षकारों से मांगा जवाब

याचिकाकर्ताओं की तरफ से सोमवार को सीनियर एडवोकेट राजीव श्रीवास्तव ने पैरवी करते हुए तर्क रखा। उन्होंने सभी तथ्यों को हाईकोर्ट को बताया। प्रारंभिक सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की तरफ से प्रकरण में टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के साथ ही ठेकेदार को भी पक्षकार बनाने की मांग की थी, जिसे कोर्ट ने स्वीकार करते हुए सभी पक्षकारों को नोटिस कर जवाब मांगा है। प्रकरण की अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद होगी।