
रूस। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के करीबी चेचन नेता रमजान कादिरोव जबरदस्त बीमार हैं. वह किडनी की समस्या से जूझ रहे हैं. चेचन्या नेता को इस बात की आशंका है कि उन्हें जहर दिया गया है. यूक्रेन के खिलाफ जंग में परमाणु हथियारों का इस्तेमाल करने की वकालत करने वाले कादिरोव बारे में अफवाह है कि उन्होंने संयुक्त अरब अमीरात के एक प्रमुख डॉक्टर को बुलाया है क्योंकि उन्हें मॉस्को के डॉक्टरों पर भरोसा नहीं है.

किडनी की बीमारी के कारण चेचन चीफ पिछले महीने पुतिन के स्टेट ऑफ द नेशन स्पीच के दौरान मौजूद नहीं थे. इससे पहले भी उन्हें एक बैठक दौरान अस्वस्थ देखा गया. उनकी बॉडी फूली हुई थी. हाल ही में कादिरोव को चेचन की राजधानी ग्रोजनी में उनके महल में एक बैठक में देखा गया था. इस बैठक में डोनेट्स्क पीपल्स रिपब्लिक पर आक्रमण के प्रमुख डेनिस पुशिलिन भी थे.
कादिरोव को रूसी डॉक्टरों पर भरोसा नहीं
कजाख पत्रकार अजमत मयतनोव ने अपने टेलीग्राम चैनल पर लिखा, ‘ऐसी जानकारी है कि यूएई के प्रमुख नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. यासीन इब्राहिम अल-शाहत चेचन्या की राजधानी पहुंचे हैं.’ डॉ यासीन को नेफ्रोलॉजी, डायलिसिस, किडनी ट्रांसप्लांट के क्षेत्र में 30 साल से अधिक का अनुभव है. उन्होंने कहा, ‘मेरे सूत्र इसकी पुष्टि करते हैं का कादिरोव का यूएई में इलाज चल रहा है और जब वह थोड़े समय के लिए ग्रोजनी में होते हैं तो अबू धाबी से एक नेफ्रोलॉजिस्ट विशेष रूप से उसके पास आते हैं.
कादिरोव को दिया गया था जहर
उन्होंने आगे कहा कि कादिरोव रूसी डॉक्टरों पर भरोसा नहीं करते क्योंकि उन्हें इस बात का डर है कि किडनी से जुड़ी समस्याएं जहर के लक्षण हैं. 46 वर्षीय कादिरोव पुतिन के सबसे करीबी सहयोगियों में से एक हैं. कुछ समय पहले उन्हें जहर देकर मारने की कोशिश की गई थी. इसकी पुष्टि उन्होंने खुद की थी.
पिछले महीने 8 फरवरी को लिफाफे में जहर भेजकर मारने की साजिश का दावा किया गया था. लिफाफा खोलने के बाद अलाउदिनोव को तीखी गंध महसूस हुई थी. लिफाफे की गंध से किसी खतरनाक केमिकल के संपर्क में आने की खबर थी. कमांडर ने अपने हाथ और नाक को धोया और उन्हें तुरंत चिकित्सा प्रदान की गई. हालांकि, अलाउदिनोव खतरे से बाहर आ गए थे.
कादिरोव पुतिन के सबसे फेवरेट कमांडर
बता दें कि कादिरोव को पुतिन के सबसे फेवरेट कमांडरों में से एक माना जाता है. कादिरोव मुस्लिम कमांडर हैं. उन्होंने एक समय में रूस के खिलाफ जंग लड़ी. मगर बाद में वो पुतिन के सबसे खास बन गए. इतना ही नहीं, यूक्रेन के खिलाफ युद्ध में कादिरोव ने अपने नाबालिग बेटों को भेजा. यूक्रेन के खिलाफ जंग में कादिरोव ने अहम भूमिका निभाई है.