रूंगटा ग्रुप ‘दिवालिया’ अब बैंक के कब्जे में, 60 करोड़ से ज्यादा का ऋृण

Chhattisgarh Crimes

रायपुर। प्रदेश के दिग्गज शैक्षणिक संस्थानों में से एक रूंगटा एजुकेशन सोसायटी और उसके गारंटर्स लगभग आधा दर्जन व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को बैंक ने अपनी संपत्ति बताते हुए बंधक बना लिया है. एक आम नोटिस जारी करते हुए बैंक ने सूचना दी है कि समूह पर बैंक का 60 करोड़ से ज्यादा का ऋृण है जिसे वह चुकाने में असमर्थ है इसलिए सारी संपत्तियों को बंधक बना लिया गया है. इसके बाद कोई भी इसे खरीद-बेच नहीं सकता.

बैंक ने जब्त की संपत्तियां

एचडीएफसी बैंक लिमिटेड मुंबई तथा उसकी भिलाई शाखा ने विगत 25 नवंबर 2020 को एक आम नोटिस जारी करते हुए उपरोक्त जानकारी दी है. नोटिस के मुताबिक जीडीआर एजुकेशन सोसायटी ने एचडीएफसी बैंक लिमिटेड से कुल 60,47,99,697.47 करोड़ का ऋण तथा 1 जुलाई 2019 से इस राशि का ब्याज अलग से है जिसे पटाने के लिए कंपनी को पिछले 30 जुलाई 2019 को नोटिस जारी किया गया था. कंपनी को दो महीने के अंदर ऋृण चुकता करने को कहा गया था लेकिन कंपनी इस पर असफल रही. उसके बाद बैंक ने सुरक्षा हित प्रवर्तन विनियम 2002 की धारा 13 की 12 सहपठित नियम के तहत मिली शक्तियों के हित संपत्तियों को बंधक बना लिया है.

गारंटर्स को नोटिस जारी

भिलाई शाखा ने सार्वजनिक सूचना देते हुए चेताया है कि जीडीआर एजुकेशन सोसायटी और उसके गारंटर्स जिनमें से अधिकांश रिश्तेदार हैं की संपत्तियों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को अपने कब्जे में ले लिया है. कर्जदार राशि पटाने में असफल रहे, इसलिए गारंटर्स और आमजनों को सूचित किया जाता है कि बैंक ने अपने ऋृण को पाने के लिए उपरोक्त संपत्तियों को बंधक बना लिया है तथा उसे बेचने, नीलाम करने इत्यादि के लिए स्वतंत्र है. कंपनी के गारंटर्स सोनाल रूंगटा, संतोष रूंगटा, संजय रूंगटा, सौरभ रूंगटा, श्रीमती रजनीदेवी रूंगटा, शकुंतला रूंगटा और तृप्ति रूंंगटा को भी इन संपत्तियों को ना बेचने की चेतावनी दी गई है. बैंक के सूत्रों के मुताबिक जल्द ही सभी संपत्तियों को बेचकर बैंक अपना ऋृण वसूलने की तैयारी कर रहा है.

रूंगटा ग्रुप की जमीनें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंधक बनाए गए

एडीएफसी बैंक ने जीडीआर ग्रुप की जिन परिसंपत्तियों को बंधक बनाया है, उनमें दुर्ग में स्थित 5.080 हेक्टेयर की जमीनें, उस पर स्थित सभी भवन, विशेषकर डेंटल कॉलेज परिसर, रूंगटा एजुकेशन सोसायटी, जीडीआर कॉलेज को बंधक बनाया गया है. इसके अलावा डायवर्टेड भूमि का सभी हिस्सा, ग्राम कुरूद, भिलाई और दुर्ग जिले में स्थित जमीनें और भवन शामिल हैं. कंपनी पर कुल 60,47,99,697.47 करोड़ यानि साठ करोड़ से अधिक का ऋृण है.