40 घंटे से राहुल को बचाने की जद्दोजहद; 5 फीट खुदाई, फिर बनाई जाएगी टनल

Chhattisgarh Crimes

जांजगीर-चांपा। जांजगीर- चांपा जिले में बोरवेल के लिए खोदे गए गड्ढे में फंसे राहुल को बचाने की जद्दोजहद पिछले 38 घंटे से जारी है। 10 साल का बच्चा करीब 40 घंटे से 50 फीट गहरे गड‌्ढे में फंसा हुआ है। रविवार सुबह बच्चे में हलचल दिखाई दी है। इसके बाद उसे जूस भी पीने को दिया गया। बच्चे की इस कोशिश ने रेस्क्यू ऑपरेशन में लगे लोगों की उम्मीदें बना रखी है। बताया जा रहा है कि 5 फीट खुदाई के बाद टनल बनाने का काम शुरू होगा।

5 फीट और खुदाई के बाद शुरू होगा टनल बनाने का काम।

जिले के पिहरीद गांव स्थित अपने घर के पीछे खेलते समय राहुल शुक्रवार दोपहर खोदे गए बोरवेल के गड्ढे में गिर गया था। तब से उसे बचाने के प्रयास जारी हैं। इसके बाद से प्रशासन, सेना और NDRF की टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन चला रखा है। बोरवेल के ठीक बगल में 60 फीट से ज्यादा की खुदाई हो गई है। अब इतनी ही खुदाई के बाद गड्‌ढे को चौड़ा किया गया है। इसके बाद अब टनल खोदने का काम शुरू किया जाएगा।

नीचे पत्थर होने और गड्‌ढे का मुंह चौड़ा होने से राहत

बताया जा रहा है कि बोरवेल के लिए खोदे गए गड्‌ढे का मुंह जरूर छोटा है, लेकिन अंदर से वह चौड़ा हो गया है। वहीं नीचे पत्थर भी लगे हैं। इसके कारण राहुल उसमें अटका हुआ है। संभवत: उसे काफी चोटें भी आई होंगी। इसके बाद भी उसने हिम्मत बांधी हुई है। NDRF की टीम अभी तक उस गड्‌ढे के बगल में 60 फीट की खुदाई और कर चुकी है। इसमें 3 JCB को नीचे उतारा गया है। देर रात से सुबह तक 10 फीट गड्‌ढे को और चौड़ा किया गया है।

बच्चे की सुरक्षा के लिए मैन्युअली काम, इसी के चलते देरी

दूसरे गड्ढे में फंसे बच्चे को नुकसान न हो, इसके लिए खुदाई का काम मैन्युअली किया जा रहा है। स्थिति ठीक होने पर JCB की मदद ली जाती है। इसके कारण समय लग रहा है। बताया जा रहा है कि अब 5 फीट खोदने में अभी काफी घंटे लगेंगे। इसके बाद टनल बनाकर उसमें सीमेंट के स्लैब डाले जाएंगे। फिर जवान अंदर जाकर बच्चे को सुरक्षित बाहर लाने का प्रयास शुरू करेंगे। राहुल अंदर सो ना जाए, इसलिए उसके रिश्तेदार, गांव वाले लगातार उसे आवाजें दे रहे हैं।

इनकी मदद से राहुल को बचाने का प्रयास

राहुल को सुरक्षित निकालने के लिए सेना के मेजर गौतम सूरी के साथ ही 4 सदस्यीय टीम भी जुटी हुई है। इसके अलावा 4 IAS, 2 IPS, 5 एडिशनल SP, 4 SDOP, 5 तहसीलदार, 8 TIऔर 120 पुलिसकर्मी, EE (PWD), EE (PHE), CMHO, 1 सहायक खनिज अधिकारी, NDRF के 32, SDRF से 15 और होमगार्ड के जवान मौजूद हैं। वहीं एक स्टोन ब्रेकर, 3 पोकलेन, 3 जेसीबी, 3 हाइवा, 10 ट्रैक्टर, 3 वाटर टैंकर, 2 डीजल टैंकर, 1 हाइड्रा, 1 फायर ब्रिगेड, 1 ट्रांसपोर्टिंग ट्रेलर, तीन पिकअप, 1 होरिजेंटल ट्रंक मेकर और 2 जेनरेटर का उपयोग किया जा रहा है। दो एम्बुलेंस भी तैनात की गई है।