
रायपुर। छत्तीसगढ़ में भाजपा का चुनावी चेहरा कौन होगा ये तय नहीं हो सका है। बड़े नेताओं से CM फेस या अगला विधानसभा चुनाव किसे आगे रखकर लड़ा जाएगा ये पूछे जाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कमल के निशान पर चुनाव लड़ने की बात कहते हैं। ऐसा ही बयान एक बार फिर भाजपा प्रदेश प्रभारी ओम माथुर की ओर से आया। बस्तर दौरे के बीच उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से बंद कमरों की मीटिंग में यही कहा कि प्रत्याशी जो भी हो आपको पार्टी के लिए लड़ना है।
मीडिया के सवालों में माथुर ने बुधवार को जगदलपुर में कहा- भाजपा कमल छाप के चेहरे पर चुनाव लड़ेगी और बस्तर की 12 सीटों के साथ छत्तीसगढ़ में सरकार बनाएगी। वो सर्किट हाउस में पत्रकारवार्ता को संबोधित कर रहे थे। माथुर लौट चुके हैं मगर उन्होंने यहां 4 दिनों से बस्तर संभाग के हर क्षेत्र का दौरा किया। सभी विधानसभा के कोर कमेटी के साथ, जिले की कोर कमेटी के साथ बैठकें की।
अब माथुर के बयान पर कांग्रेस ने भाजपा को घेरा है। कांग्रेस के संचार विभाग के प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के सामने भाजपा के सभी नेता बौने हैं। भाजपा के द्वारा यह कहा जाना कि आने वाले चुनाव में कमल छाप को आगे करके चुनाव लड़ेगी कोई चेहरा सामने नहीं होगा पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए शुक्ला ने कहा कि कमल छाप पर लड़ने का निर्णय लेकर भाजपा ने मान लिया छत्तीसगढ़ में उसके पास नेतृत्व नहीं। भाजपा इसके पहले बयान देती थी कि वह छत्तीसगढ़ में नरेंद्र मोदी के चेहरे को आगे कर चुनाव लड़ेगी। कर्नाटक चुनाव में बुरी तरह हार के बाद भाजपा मोदी के चेहरे को भी आगे करने से डर रही है।
सुशील आनंद शुक्ला ने आगे कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की लोकप्रियता उनकी सरकार की योजनाओं के सामने भाजपा नेतृत्व को समझ ही नहीं आ रहा किसे आगे करे इसीलिये बीजेपी ने चार अध्यक्ष बदल लिया। नेता प्रतिपक्ष बदल लिया। 2018 में धरमलाल कौशिक के अध्यक्ष रहते भाजपा विधानसभा चुनाव हार गई। उसके बाद विक्रम उसेंडी अध्यक्ष बनाए गये उनके नेतृत्व में चित्रकोट, दंतेवाड़ा उपचुनाव, निकाय चुनाव हारने के बाद नया अध्यक्ष विष्णुदेव साय को बनाया गया उनके नेतृत्व को भी जनता ने नकार दिया दो उपचुनाव मारवाही, खैरागढ़ पंचायत और नगरीय निकाय के दूसरे चरण में भाजपा बुरी तरह हार गयी अब अरूण साव को आगे लेकर आए हैं। साव के नेतृत्व में भाजपा और बिखर गई है। भाजपा भानुप्रतापपुर उपचुनाव हारा अब 2023 का विधानसभा चुनाव हारने की तैयारी है।