
दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग के महावीर कालोनी क्षेत्र में स्कूटी के पीछे बैठकर जा रहे एक पांच वर्षीय बच्चे के गले में पतंग का मांझा फंस गया। स्कूटी आगे बढ़ने के साथ ही तनाव बढ़ते जाने से उसकी सांस की नली व दिमाग से हार्ट तक खून पहुंचाने वाली जुगलर वेन कट गई और खून निकलने लगा। बच्चे को उसके पिता इलाज करवाने नेहरू नगर के पल्स हास्पिटल ले गए।
यहां के एनेस्थेटिक डा. निशांत बघेल ने सबसे पहले वेंटिलेटर से बच्चे को सांस देने का इंतजाम किया। आगे डा. अपूर्व वर्मा, डा. सत्येंद्र ग्यानी, डा. शैलेंद्र, डा. प्रभाकर की टीम ने सर्जरी कर नली व वेन को जोड़ा। डाक्टर सत्येंद्र ग्यानी ने बताया कि बच्चे की स्थिति अच्छी है। ज्ञात हो की सड़क किनारे खड़े होकर पतंग उड़ाने की वजह से उक्त बच्चे की जान खतरे में पड़ गई थी। डाक्टरों ने बताया की चाइनीज में शीशे की लेप की वजह से गहरा कट लगा था।
चाइनीज मांझे से राहगीरों के घायल होने की यह पहली खबर नहीं है। करीब हफ्तेभर पहले छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में भी चाइनीज मांझे से एक युवती के घायल होने की खबर सामने आई थी। चाइनीज मांझे की चपेट में आने से युवती का गला और उंगुलियां कट गई थी।
मकर संक्रांति 14 जनवरी के पूर्व राजधानी रायपुर में पतंगबाजी शुरू हो जाती है। हर साल की तरह इस साल भी राजधानी में चाइनीज मांझा की बिक्री धड़ल्ले से हो रही है और पुलिस बेखबर है। अब तक रायपुर पुलिस ने चाइनीज मांझा बेचने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई शुरू नहीं की है।
मध्य प्रदेश में चाइनीज मांझा बेचने वालों पर सरकार सख्त
मालूम हो कि चाइनीज मांझा को लेकर मध्य प्रदेश सरकार ने सख्त कदम उठाया है। सरकार ने चाइनीज मांझा बेचने वालों के खिलाफ रासुका के तहत कार्रवाई की चेतावनी दी है।