तीस लाख की शराब पी गए चूहे!

Chhattisgarh Crimes

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ईमानदार और स्वच्छ प्रशासन का कितना भी दंभ भर ले लेकिन समय-समय पर पुलिसवाले उसकी पोल खोल ही देते हैं। इस ताजे मामला में एटा जिले की पुलिस का पराक्रम सामने आया है। इस आश्चर्यजनक मामले में पुलिस ने बताया है कि थाने में तस्करों से कार्रवाई में बरामद की गई 30 लाख रुपए की शराब चूहे पी गए हैं। पुलिसवालों के इस तर्क पर आला-अधिकारियों की आखें आश्चर्य से फटी रह गईं।

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उत्तर प्रदेश के एटा जिले में चूहे 30 लाख रुपए की शराब पी गए। थाने से शराब गायब होने का यह दावा वहां के एसएचओ और मुंशी ने किया, जिसके बाद उन्हें सस्पेंड कर दिया गया है। एटा जिले के कोतवाली देहात के मालखाने में बंद 30 लाख रुपए की शराब गायब होने के मामले में थाना प्रभारी और मुंशी के खिलाफ उसी थाने में केस दर्ज किया गया है।

पुलिस ने शराब की यह खेप तस्करों से बरामद की थी। इसके बाद से शराब की 1,400 पेटियां थाने के मालखाने में बंद थीं। जिलाधिकारी विभा चहल ने बताया कि पिछले दिनों उन्होंने और एसएसपी सुनील कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से कोतवाली देहात का निरीक्षण किया था। इस दौरान वहां कई गड़बड़ियां पाई गई थीं। जांच करने पर पता चला कि मालखाने से 30 लाख रुपए की शराब की 1,400 पेटियां कम थीं, इसके साथ ही थाने में उपलब्ध हथियारों की कुल संख्या भी उन्हें भेजी गई रिपोर्ट से कम निकली। डीएम ने बताया कि इस मामले की जांच डीएसपी अलीगंज विकास कुमार से कराई गई। दोनों को अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया गया लेकिन वे नहीं आए। इसी बीच दोनों ने कोतवाली के जनरल ड्यूटी रजिस्टर में दर्ज कर दिया कि शराब की पेटियां चूहों ने कुतर डाली।

इस मामले में डीएसपी की रिपोर्ट मिलने के बाद कोतवाली प्रभारी इंद्रेश कुमार और मालखाने के मुंशी रिशाल सिंह के खिलाफ उन्हीं की कोतवाली में केस दर्ज किया गया। एसएसपी सुनील कुमार सिंह ने बताया कि आरोपी कोतवाली प्रभारी और मुंशी को निलंबित कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि निलंबन से पहले दोनों को अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया गया था लेकिन वे नहीं आए। उन्होंने बताया कि रिपोर्ट दर्ज होने के बाद से थानाध्यक्ष और मुंशी थाने से गायब हैं।