स्वावलंबी गांव के सपने को साकार करने के लिए हरित क्रांति के साथ-साथ श्वेत क्रांति जरूरी : भूपेश बघेल

  • मुख्यमंत्री का प्रदेशवासियों से बड़ा आह्वान गौ माता की सेवा और चारे के लिए किसानों से पैरा दान की अपील
  • गोवर्धन पूजा के माध्यम से भगवान श्री कृष्ण ने हमें एकजुटता और प्रकृति की पूजा का दिया संदेश

Chhattisgarh Crimes

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के स्वावलंबी गांव की परिकल्पना को साकार करने के लिए छत्तीसगढ़ को हरित क्रांति के साथ-साथ श्वेत क्रांति क्रांति की दिशा में आगे बढ़ना होगा । उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा कृषि को बढ़ावा देने के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही है। समर्थन मूल्य पर धान खरीदी, किसानों की कर्ज माफी और राजीव गांधी किसान न्याय योजना से लोगों का खेती – किसानी की ओर रुझान बढ़ा है।

गांव -गांव में गौठानों के निर्माण और गोधन न्याय योजना के सफल क्रियान्वयन से छत्तीसगढ़ में बरसात की फसल सुरक्षित हो गई है ।अब हमें दूसरी फसल उतेरा और उन्हारी को भी सुरक्षित करना होगा। इसके लिए जरूरी है कि गांव के राउत फागुन -तेरस तक गाय चराने और रोका छेका को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए काम करें। मुख्यमंत्री आज यहां अपने निवास में गोवर्धन पूजा के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि गोवर्धन पूजा के माध्यम से भगवान श्री कृष्ण ने हमें संगठित रहने और प्रकृति की पूजा का संदेश दिया है। यदि हम एकजुट रहेंगे, तो बड़े से बड़े संकट से पार पा सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि खेती -किसानी को बढ़ावा देने की राज्य सरकार की योजनाओं से प्रदेश में किसानों की संख्या और खेती का रकबा बढ़ा है। समर्थन मूल्य पर धान बिक्री के लिए रजिस्ट्रेशन कराने वाले किसानों की संख्या 15 लाख से बढ़कर 22 लाख हो गई है। इसी तरह खेती का रकबा 22 लाख हेक्टेयर से बढ़कर लगभग 28 लाख हेक्टेयर हो गया है। उन्होंने कहा कि गोधन न्याय योजना से पशुपालकों को बड़ा सहारा मिला है। गोवर्धन पूजा को हम आज राज्य में गौठान दिवस के रूप में मना रहे हैं । छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है, जो ग्रामीणों और पशुपालकों से दो रुपए किलो में गोबर खरीद रहा है। राज्य सरकार की इस योजना ने पशु पालकों और गोबर संग्राहकों से अब तक 55 लाख क्विंटल गोबर की खरीदी की है और दो रुपए किलो की दर से पशुपालकों के खाते में लगभग 110 करोड रुपए की राशि का भुगतान किया है।

उन्होंने कहा कि इस योजना से डेयरी उद्योग को बढ़ावा मिलने लगा है। गौठानों में गोबर की खरीदी से वर्मी कंपोस्ट एवं अन्य उत्पाद तैयार करने के साथ-साथ विभिन्न आय मूलक गतिविधियों से हमारी महिला समूह की बहनों ने 80 -90 करोड़ की आय अर्जित की है। वर्मी खाद के उपयोग से फसल की स्थिति अच्छी हुई है । हम जैविक खेती की ओर बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में रासायनिक खाद को लेकर मारामारी मची हुई है। किसान हलाकान और परेशान हैं। सोसायटियों में रासायनिक खाद न मिलने से वहाँ लड़ाई हो रही है। हमारे राज्य रासायनिक खाद की कमी को हमने वर्मी कम्पोस्ट का उपयोग कर पूरा किया है। उन्होंने कहा कि यदि हम वर्मी कंपोस्ट का ज्यादा से ज्यादा उत्पादन और उपयोग करने लगे, तो राज्य के किसान भाइयों को रासायनिक खाद की जरूरत ही नहीं पड़ेगी।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि प्रदेश में प्रति दिन ढाई लाख लीटर दूध की जरूरत है,जब कि उत्पादन कम है। डेयरी उद्योग को बढ़ावा देकर इस कमी को पूरा करने के लिए श्वेत क्रांति की जरूरत है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में दूध का उत्पादन बढ़ाकर हम आंगनबाड़ियों, प्राथमिक और माध्यमिक शालाओं के बच्चों को दूध उपलब्ध कराकर कुपोषण को दूर करने में सफल हो सकेंगे । श्वेत क्रांति से स्वस्थ छत्तीसगढ़ के सपने को पूरा किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को दीपावली, गोवर्धन पूजा, गौर-गौरी पूजा, भाई दूज की शुभकामना देते हुए कहा कि पूरे देश में दिवाली से त्योहारों की शुरुआत हुई है, लेकिन हमारे छत्तीसगढ़ में 28 अक्टूबर से त्योहारों के आयोजन की शुरुआत हो गई थी । हमने राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव का आयोजन किया ।उसके बाद लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती तथा पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्रीमती इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि के आयोजन के साथ ही राज्योत्सव का रंगारंग और भव्य आयोजन किया। अब दीवाली त्यौहार मना रहे है।