अस्थमा पेशेंट के लिए खतरनाक है जहरीली हवा, बचाव के लिए अपनाएं ये टिप्स

Chhattisgarh Crimes

बढ़ता वायु प्रदूषण सेहत के लिए खतरनाक है। इसकी वजह से बच्चे हों या फिर बूढ़े हर कोई तेजी से कई बीमारियों की चपेट में आ रहा है। इन बीमारियों में अस्थमा (दमा), फेफड़ों का कैंसर, टीबी और निमोनिया शामिल है। खास बात है कि बढ़ता हुआ वायु प्रदूषण जहां एक ओर लोगों के लिए मुसीबत का कारण बन रहा है तो वहीं ठंड के मौसम की दस्तक भी लोगों की मुसीबत और बढ़ा देती है। ठंड में स्मॉग छाने लगता है जिससे कि इन बीमारियों से पीड़ित व्यक्ति की हालत और भी गंभीर हो सकती है।

वायु की गुणवत्ता दिन प्रतिदिन कई शहरों में खराब होती जा रही है। राजधानी दिल्ली की बात करें तो हाल ही में केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की एक रिपोर्ट ने लोगों की परेशानी और भी बढ़ा दी है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने अनुसार रविवार के दिन दिल्ली का सामान्य गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 168 रहा। ऐसे में हर किसी को खुद का ख्याल रखना बेहद जरूरी है। आज हम आपको अस्थमा पेशेंट के बारे में बताएंगे। जानिए बढ़ता हुआ वायु प्रदूषण अस्थमा यानी कि दमा पेशेंट के लिए कितना घातक है साथ ही इसके बचाव के उपाय भी जानें।

क्या है अस्थमा (दमा)

कुछ बीमारियां ऐसी हैं जिनके लिए वायु प्रदूषण ही जिम्मेदार माना जाता है। इन्हीं बीमारियों में से एक बीमारी अस्थमा यानी कि दमा है। दमा पेशेंट की सांस की नलियों में कुछ कारणों के प्रभाव से सूजन आ जाती है। इसी वजह से इन्हें सांस लेने में दिक्कत होती है। इन बीमारी से पीड़ित व्यक्ति की समस्याएं ठंड के मौसम में और भी बढ़ जाती है जिसकी वजह स्मॉग भी है।

अस्थमा के लक्षण

  • सांस लेने में दिक्कत होना
  • दम घुटना
  • सांस लेते वक्त आवाज आना
  • थोड़ा चलने पर सांस फूलना
  • छाती में कुछ जमा या फिर भरा हुआ सा महसूस होना
  • खांसने पर कफ आना

वायु प्रदूषण से अस्थमा पेशेंट ऐसे करें अपना बचाव

  • सर्दी में स्मॉग छाने लगता है लिहाजा सुबह के समय प्रदूषण में बाहर ना निकलें
  • अगर कोहरा है तो सैर पर ना जाएं
  • दवा हमेशा साथ में रखें
  • मुंह पर मास्क या फिर साफ कपड़ा बांधकर ही घर से बाहर निकलें
  • धूल और मिट्टी होने पर मुंह तुरंत ढक लें
  • ज्यादा परेशानी हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें