आदिवासियों ने घेरा उदन्ती वनमंडलाधिकारी कार्यालय

वन कर्मियों पर लगाया मारपीट का आरोप, कानूनी कार्यवाही करने की मांग

Chhattisgarh Crimes

गरियाबंद। आदिवासी विकास परिषद जनजागरण मंच के बैनर तले मैनपुर कांदाडोंगर क्षेत्र के आदिवासियों के बड़े समुह द्वारा आज सोमवार, उदन्ती सीतानदी टाईगर रिजर्व कार्यालय का घेराव कर दिया गया है।

आदिवासी ग्रामीणों का आरोप है कि बीती 27 फरवरी को डुमाघाट निवासी मंगलसिंह ध्रुव अपने साडू के खेत से सूखी लकड़ी ला रहा था कि इंदागांव वन परिक्षेत्र के रेंजर हेमसिंह ठाकुर तथा अन्य वन कर्मियों ने मंगलसिंह को घेर कर लोहे की रॉड से पीटा, जिससे उसका पैर टूट गया। स्वयं मंगलसिंह का भी कहना है कि वन कर्मियों ने मुझे घेर कर जानवरों की तरह पीटा, घटना के वक्त उसका तेरह वर्षीय पुत्र भी साथ में था, जिसे वन कर्मी अपने साथ पकड़कर ले गये, जिसका अब तक कोई पता नही है।

आदिवासी नेत्री व जिला पंचायत सदस्य लोकेश्वरी नेताम के अनुसार वन कर्मियों ने मंगल को जानवरों की तरह पीटा और रात्रि काल में उसे अधमरा कर जंगल में ही छोड़ आये, घटना के वक्त पिता के साथ रहा मंगल का तेरह वर्षीय पुत्र गायब है उसे वन कर्मियों ने ही गायब किया है।

आदिवासी कांग्रेस जिला अध्यक्ष खेदूराम नेगी, मैनपुर के पूर्व जनपद अध्यक्ष पुस्तम कपिल तथा आदिवासी विकास परिषद के महेंद्र नेताम आदि का कहना है कि यदि मंगलसिंह ने किसी प्रकार वन अधिनियम का उल्लंघन किया था तो उस पर अधिनियम के तहत कानूनी कार्यवाही की जानी थी, पैर की हड्डी टूट जाने तक घेर कर पीटना अमानवीय कृत्य है। जिसकी सजा आरोपी वन कर्मियों को मिलनी चाहिये।

वन मंडल कार्यालय के घेराव के दौरान आदिवासी ग्रामीण टाईगर रिजर्व के वन मंडलाधिकारी वरुण जैन पर तानाशाही का आरोप लगा रहे थे, साथ ही मंगलसिंग के साथ मारपीट करने वाले वन परिक्षेत्राधिकारी इन्दागांव हेमसिंह ठाकुर तथा अन्य वन कर्मियों के विरुद्ध कानूनी कार्यवाही की मांग कर रहे थे।

मुख्यमंत्री के नाम चार बिंदुओं के मांग पत्र में आदिवासियों ने मंगल के नाबालिग पुत्र परमेश्वर ध्रुव को जेल से रिहा करने की भी मांग की है।

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