समाज के सभी वर्गाें का उत्थान सरकार की प्राथमिकता: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

Chhattisgarh Crimes

रायपुर. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को आज दुर्ग जिले के ग्राम बेल्हारी में साहू समाज द्वारा राज्य में सभी वर्गाें के उत्थान एवं कल्याण के लिए उनके द्वारा किए जा रहे उल्लेखनीय कार्याें के लिए सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने साहू समाज के लोगों का आभार जताते हुए कहा कि समाज के सभी वर्ग के लोगों को आगे बढ़ने का अवसर मिले, यही हमारी कोशिश है। उन्होंने इस अवसर पर ग्राम बेल्हारी में 20 लाख रूपए की लागत के परिक्षेत्रीय साहू समाज के सामुदायिक भवन का लोकार्पण करते हुए साहू समाज के लोगों एवं पदाधिकारियों को बधाई और शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य के सभी समाज के लोगों एवं किसानों, ग्रामीणों, मजदूरों के फायदे तथा आर्थिक समृद्धि के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत तीसरी किश्त की राशि 01 नवम्बर को प्रदेश के किसानों को दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने साहू समाज के नवनिर्मित सामुदायिक भवन परिसर में बोर एवं आहता निर्माण कराए जाने के साथ ही बेल्हारी तालाब का सौन्दर्यीकरण कराने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने साहू समाज के द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में भक्त माता कर्मा की जयकारे के साथ अपने उद्बोधन में कहा कि प्रदेश में गांवों के किसान एवं श्रमिक खुशहाल रहे, इसके लिए छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा राजीव गांधी किसान न्याय योजना तथा भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना तथा श्रमिकों के कल्याण की योजनाएं शुरू की है। उन्होंने कहा कि राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत किसानों को खेती का काम शुरू करने के समय, धान निदाई और फसल कटाई के समय उनके खाते में राशि हस्तांतरित की जाती है, ताकि खेती-किसानी के काम के लिए उन्हें सहूलियत हो।

उन्होंने कृषि भूमिहीन मजदूर न्याय योजना का लाभ उठाने के लिए पात्र लोगों से 30 नवम्बर तक आवेदन फार्म भरने का आव्हान किया और कहा कि इस योजना के तहत भूमिहीन परिवारों को प्रति वर्ष 6 हजार रूपए की राशि दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सुराजी गांव योजना के तहत गांव के गौठानों का निर्माण किया गया है। गौठानों को उत्पादन केन्द्र बनाने के उद्देश्य से यहां रूरल इंडस्ट्रियल पार्क विकसित किए जा रहे हैं। गोधन न्याय योजना के तहत राज्य सरकार 2 रूपए किलो में गोबर खरीदी कर रही है। गौठानों में महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा वर्मी कम्पोस्ट का उत्पादन एवं विक्रय किया जा रहा है। जैविक खाद के उत्पादन से राज्य में जैविक खेती को तेजी से बढ़ावा मिला है। आने वाले समय में छत्तीसगढ़ की पहचान जैविक खेती वाले राज्य के रूप में होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्मी कम्पोस्ट के उपयोग से फसल अच्छी होती है, लागत में कमी आती है, फसलों में बीमारी का प्रकोप कम होता है और भूमि की उर्वरा क्षमता बढ़ती है।