पेट्रोल से क्यों काफी सस्ता है विमान ईंधन; जानिए क्या है ये जेट फ्यूल?

 

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नई दिल्ली।   देश में पेट्रोल और डीजल की आसमान छूती कीमतों के कारण तमाम लोग परेशान हैं. आज 18 अक्टूबर को दिल्ली में एक लीटर पेट्रोल 105.84 रुपये लीटर और डीजल 94.57 रुपये लीटर बिक रहा है. मुंबई में पेट्रोल 111 रुपये प्रति लीटर के भाव को पार कर गया है.

लेकिन, आपको जानकर आश्चर्य होगा कि अपने ही देश में विमानों में भरा जाने वाला ईंधन यानी जेट फ्यूल की कीमत काफी कम है. दिल्ली में प्रति किलो लीटर जेट फ्यूल की कीमत 79,020.16 रुपये किलो लीटर है. इस तरह प्रति लीटर की कीमत 79 रुपये हुई. जबकि देश में पेट्रोल इससे करीब 33 फीसदी महंगा बिक रहा है.

जेट फ्यूल मुख्य रूप से दो तरह के होते हैं. जेट ए और जेट बी. इनकी गुणवत्ता और फ्रीजिंग प्वाइंट के हिसाब से इनको दो रूपों में बांटा गया है. जेट बी फ्यूल मुख्य रूप से सैन्य ऑपरेशन और बेहद खराब मौसम में इस्तेमाल किया जाता है. जेट बी फ्यूल, जेट ए फ्यूल की तुलना में कम परिष्कृत होता है.

कैसे बनता है जेट फ्यूल

कच्चे तेल को रिफाइन करते समय ही जेट फ्यूल और पेट्रोल को अलग-अलग किया जाता है. इन दोनों में बेसिक अंतर इनमें हाइड्रोकार्बन की मात्रा के आधार पर होता है.

पेट्रोल ऐसा हाइड्रोकार्बन होता है जिसमें 7 से 11 कार्बन एटम होते हैं जबिक जेट फ्यूल में ऐसा हाइड्रोकार्बन होता है जिसमें 12 से 15 कार्बन एटम्स होते हैं. इसको और स्पष्ट रूप से कहें तो जेट फ्यूल काफी हद तक किरोसीन से बनता है.

दरअसल, देश में पेट्रोलियम पदार्थों पर लगने वाले टैक्स के अलावा इनको रिफाइन करने में जो खर्च आता है उसकी लागत भी उपभोक्ताओं से वसूला जाता है. कच्चे तेल को रिफाइन कर उसके सभी बाइ प्रोडक्ट जैसे पेट्रोल, डीजल, जेट फ्यूल, किरोसीन और एलपीजी को बनाया जाता है. रिफाइनिंग की इस प्रक्रिया में जेट फ्यूल बनाने में लागत कम आती है. जेट फ्यूल एक परिष्कृत ईंधन नहीं है. वहीं पेट्रोल एक बेहद परिष्कृत ईंधन है.

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