शिक्षकों की विधवाओं ने अनुकंपा नियुक्ति के लिए किया प्रदर्शन

Chhattisgarh Crimes

रायपुर। रायपुर में शुक्रवार को दिवंगत पंचायत शिक्षकों की विधवा पत्नियों ने CM हाउस का घेराव करने की कोशिश की। बूढ़ापारा तालाब के सामने बने धरना स्थल से ये महिलाएं रैली निकालकर आगे बढ़ीं, लेकिन श्याम टॉकिज के पास पुलिस ने इन्हें रोक लिया। महिलाओं ने विरोध किया तो पुलिस ने बैरीकेड से खींचकर महिलाओं को खदेड़ना शुरू कर दिया। इस धक्का-मुक्की में एक महिला बेसुध भी हो गई। उसे साथियों ने पानी पिलाया।

बैरीकेड हटा चुकी महिलाओं ने मुख्यमंत्री निवास की ओर जाने की कोशिश की, मगर मौके पर मौजूद सुरक्षा बल ने ने सभी को रोक दिया। कुछ देर बाद सभी वापस धरना स्थल पर लौट गईं। अब ये महिलाएं आमरण अनशन करने की तैयारी कर रही हैं। 26 जुलाई के बाद ये दूसरी कोिशश है, जब इन महिलाओं ने इस तरह से प्रदर्शन किया हो। ये सभी पिछले दो तीन सालों से अनुकम्पा नियुक्ति की मांग कर रही हैं। 16 दिनों से रायपुर में इनका धरना प्रदर्शन जारी है।

भैरमगढ़ से आई उमा नेताम ने बताया, ‘जब पति जिंदा थे, बच्चों की हर ख्वाहिश पूरी करते थे। आज मैं उन्हें पढ़ने तक नहीं भेज पा रही। कमाने वाला कोई नहीं है। मजदूरी करके बस खाने के लिए राशन ही खरीद पाते हैं। हमें अनुकम्पा नियुक्ति दी जानी थी, लेकिन अब तक नहीं मिली। कम से कम नौकरी मिल जाती तो कुछ सहारा मिलता। हमारी कोई सुन नहीं रहा…।’ यह बताते हुए उमा का गला भर आया। उमा जैसी ही कई विधवा महिलाएं 16 दिन से रायपुर में धरना दे रही हैं। यहीं खुले आसमान के नीचे, बारिश, कीचड़, गंदगी और बदबू में रात बिता रही हैं।

दिवंगत शिक्षकों की पत्नियां 12वीं पास हैं, किसी ने बीएड भी किया है। अब इन्हें टीजर एजिबिलिटी टेस्ट, D.ED के बिना अनुकम्पा नियुक्ति न दिए जाने का नियम बताया जा रहा है। दिवंगत पंचायत शिक्षक अनुकम्पा संघ की अध्यक्ष माधुरी मृगे ने बताया कि चुनाव के समय कांग्रेस के बड़े नेताओं ने कहा था कि सरकार बनने के बाद नियमों को शिथिल करेंगे। माधुरी ने कहा कि हमारे साथ जो हुआ अचानक हुआ, कोई तैयारी तो नहीं करता है न कि पति मरे तो मैं पहले से ही सारे कोर्स कर लूं। अब परिवार में पैसे नहीं कि हम कोर्स करें। हम चाहते हैं कि जिसकी जैसी योग्यता है उसे वैसा रोजगार सरकार दे दे।