राजधानी में लूट के बाद युवक की हत्या, 4 लोगों ने पहले जमकर पीटा, फिर मारा चाकू

Chhattisgarh Crimes

रायपुर। राजधानी में एक बार फिर लूट और हत्या की वारदात हुई है। मामले में 36 घंंटे बीत जाने के बाद भी पुलिस के पास कातिलों का कोई सुराग नहीं है। एक शख्स की मौत के बाद अनजान लोगों पर हत्या का केस दर्ज किया गया है। पुलिस का दावा है कि जल्द आराेपियों को पकड़ा जाएगा। पिछले महीने अचानक गुंडे-बदमाशों को एक्टिव होकर पकड़ने वाली पुलिस का अभियान ठप पड़ा हुआ है, इससे बेखौफ बदमाश फिर सड़कों पर चाकू लिए लूट, मारपीट और आम आदमी पर हमले कर रहे हैं।

ताजा घटना शुक्रवार देर रात की है। दुखित राम नाम का युवक एक्सप्रेस वे सड़क से घर लौट रहा था। 4 आरोपियों ने लूट की नीयत से उसे रोका। बदमाशों ने उसे पीटा और चाकू से कई वार किए। दुखित के 7 हजार रुपए और मोबाइल लेकर फरार हो गए। गंभीर हालत में पहले जिला अस्पताल फिर दुखित को अंबेडकर अस्पताल भेजा गया। शनिवार को दुखित की मौत हो गई। अब इस केस में लूट के बाद हत्या की धाराएं जोड़कर पुलिस कातिलों को ढूंढ रही है।

पिछले एक महीने में रायपुर में हत्या की 4 वारदातें हुईं। इनमें जान लेने का हथियार चाकू ही था। बदमाशों को ये हथियार आसानी से मिल रहा है। कई तो इसे ऑनलाइन ऑर्डर के जरिए मंगवा रहे हैं। पुलिस चाकू जब्त करने का अभियान भी चला चुकी है। 1 हजार से अधिक चाकू जब्त किए गए, मगर वारदातें जारी हैं।

पिछले महीने रायपुर के संतोषी नगर इलाके में अमान नाम के युवक की चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी। दूसरा प्रकरण रायपुर के राजेंद्र नगर इलाके का है, जहां रामचंदानी नाम के एक प्रॉपर्टी डीलर की भी हत्या कर दी गई। इसके बाद गुढ़ियारी का ये मामला सामने आया। विक्की और अनिल नाम के लड़कों लड़की के विवाद की वजह से यश नाम के युवक को चाकू मार दिया था और अब हुई दुखित राम की मौत भी चाकू के हमले से ही हुई।

इन इलाकों में होती है चाकूबाजी

पुलिस अधिकारियों ने चाकूबाजी की घटना को लेकर कुछ इलाकों की पहचान की है, जहां ज्यादा वारदातें होती हैं। इनमें गुढ़ियारी, खमतराई, भनपुरी, उरला, आमानाका, पुरानीबस्ती, टिकरापारा, न्यू राजेंद्रनगर, तेलीबांधा और खम्हारडीह थाना क्षेत्र के कुछ इलाके शामिल हैं। सिविल लाइन थाने का भी कुछ क्षेत्र इसमें शामिल है। हाल के दिनों में आउटर के अलावा जीई रोड, वीआईपी रोड और गौरव पथ पर भी लूटपाट और चाकूबाजी की वारदातें होने लगी है। पिछले एक साल में सरकारी रिकॉर्ड के मुताबिक रायपुर में 365 दिन में 280 चाकूबाजी की वारदातें और 56 हत्याएं हो चुकी हैं।

116 को पकड़ा मगर बेखौफ बदमाश

पिछले महीने बैक टू बैक मर्डर की वारदात के बाद जब रायपुर पुलिस के अफसर गलियों में बदमाशों के अड्‌डों पर पहुंचने लगे तो हर गली से चाकू और गुप्ती लिए बदमाश पकड़े गए। पुलिस का बुलावा मिला तो 404 निगरानी बदमाश थाने में पहुंचकर हाजिरी लगाने आए। अलग-अलग मामलों में 24 घंटे के भीतर ही 116 बदमाशों को पुलिस ने गिरफ्तार किया, मगर अब ये अभियान बंद है और वारदातें चालू।