
आरोप है कि परीक्षा प्रश्नपत्र में एक सवाल के विकल्पों में भगवान श्रीराम के नाम की तुलना कुत्ते के नाम से किए जाने जैसा आपत्तिजनक संदर्भ शामिल किया गया, जिसे NSUI ने शर्मनाक और निंदनीय करार दिया है। संगठन का कहना है कि एक ओर भाजपा “रामराज्य” की बात करती है, वहीं दूसरी ओर उसके शासनकाल में बच्चों की परीक्षा में भगवान श्रीराम के नाम के साथ इस तरह की तुलना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
DEO ने मानी विभागीय गलती, जांच समिति गठित
मामले को लेकर NSUI रायपुर ने बुधवार को जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। इस दौरान जिला शिक्षा अधिकारी हिमांशु भारतीय ने इसे विभागीय त्रुटि स्वीकार करते हुए कहा कि शिक्षा विभाग से गलती हुई है।
उन्होंने बताया कि पूरे प्रकरण की जांच के लिए एक समिति गठित की जा रही है, जो 7 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
“यह सिर्फ तकनीकी गलती नहीं” – NSUI
NSUI रायपुर जिला अध्यक्ष शान्तनु झा ने कहा कि यह मामला केवल तकनीकी या मुद्रण संबंधी गलती नहीं है, बल्कि भाजपा सरकार के संरक्षण में चल रही शिक्षा व्यवस्था की गंभीर चूक है। उन्होंने कहा कि प्रश्नपत्र निर्माण से लेकर छपाई और वितरण तक पूरी प्रक्रिया की जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की बनती है।
शान्तनु झा ने आरोप लगाया कि “प्रिंटर की गलती” कहकर हर बार जिम्मेदारी से बचने की कोशिश की जाती है, लेकिन अब यह स्वीकार्य नहीं है।
आंदोलन की चेतावनी
NSUI ने चेतावनी दी है कि यदि जांच के नाम पर मामले को ठंडे बस्ते में डालने, दोषियों को बचाने या सरकार की जिम्मेदारी से ध्यान भटकाने का प्रयास किया गया, तो संगठन प्रदेशव्यापी और उग्र आंदोलन करेगा। संगठन ने स्पष्ट किया कि भगवान श्रीराम का अपमान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, क्योंकि यह पूरे सनातन समाज की आस्था से जुड़ा मामला है।
ये रहे मौजूद
इस दौरान NSUI रायपुर जिला अध्यक्ष शान्तनु झा, प्रदेश महासचिव निखिल बघेल, जिला महामंत्री सूरज साहू, जिला उपाध्यक्ष तारिक अनवर, जिला महासचिव संस्कार पांडे, विमल साहू, डिकेंद्र सिन्हा, देवेंद्र पाल, धनंजय पाल, देव, भूपेंद्र सहित बड़ी संख्या में NSUI कार्यकर्ता उपस्थित रहे।