41 शिवसैनिक विधायक शिंदे के पास पहुंचे, जरूरत 37 की ही थी

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मुंबई/गुवाहाटी। महाराष्ट्र में उद्धव सरकार का जाना अब लगभग तय हो गया है। सियासी उठापटक के तीसरे दिन शिवसेना के 41 MLA समेत 50 विधायक गुवाहाटी पहुंच चुके हैं। शिंदे को अलग गुट बनाने के लिए सिर्फ 37 विधायकों की ही जरुरत है। सूत्रों के अनुसार कुछ देर में बागी गुट के एकनाथ शिंदे दावे विधायकों के हस्ताक्षर वाले पत्र राज्यपाल को भेजेंगे। इधर, मुख्यमंत्री के सरकारी आवास छोड़ने से एनसीपी नाराज हो गई है।

एनसीपी ने गुरुवार को विधायक दल की बैठक बुलाई है। इस मीटिंग में शरद पवार और सुप्रिया सुले भी शामिल होंगी। वहीं महाराष्ट्र में सियासी बवाल का मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा है। कांग्रेस नेता ने कोर्ट से कहा है कि जो विधायक बगावत करे, उसके चुनाव लड़ने पर 5 साल तक रोक लगे। महाराष्ट्र में शिवसेना को अब सांसद भी झटका दे सकते हैं। पार्टी से 8 सांसद नाराज बताए जा रहे हैं। इनमें शिंदे के बेटे भी शामिल हैं।

सीएम उद्धव ठाकरे ने पार्टी के बड़े नेताओं की आज 11.30 बजे मीटिंग बुलाई है। इसमें आगे की रणनीति पर चर्चा होगी। ठाकरे इस्तीफे का ऐलान कर सकते हैं। शिवसेना के 19 में से करीब 9 सांसद भी उद्धव का दामन छोड़ सकते हैं। इनमें एकनाथ शिंदे के बेटे श्रीकांत शिंदे, ठाणे लोकसभा सांसद राजन विचारे, वाशिम की सांसद भावना गवली और नागपुर की रामटेक सीट से सांसद कृपाल तुमाने के नाम सामने आए हैं।  कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी मुंबई पहुंची हैं। हालांकि, यह उनका निजी दौरा बताया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार गांधी महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले से मुलाकात कर सकते हैं।

महाराष्ट्र में क्या हो रहा है- मातोश्री में उद्धव की बैठक, फडणवीस के पोस्टर लगे

सियासी संकट के बीच उद्धव ठाकरे ने मातोश्री में पार्टी के दिग्गज नेताओं की बैठक बुलाई है। बैठक में इस्तीफा देने पर फैसला किया जा सकता है। इधर, महाराष्ट्र के कई जगहों पर भाजपा के देवेंद्र फडणवीस को सीएम की शुभकामनाएं देते हुए पोस्टर लगाया गया है।

महाराष्ट्र की सियासी हलचल का दूसरा केंद्र गुवाहाटी में शिवसेना के 3 और विधायक पहुंच चुके हैं। पिछले 12 घंटे में आशीष जायसवाल, दीपक केसकर, सदा सरवांकर, योगेश कदम, मंजूला गावित, मंगेश कुलवदकर, संजय राठोड गुवाहाटी पहुंचे हैं।सूत्रों के मुताबिक एकनाथ शिंदे कुछ देर में विधायकों के साथ बैठक कर हस्ताक्षर वाला लेटर राजभवन भेज सकते हैं।