श्रीराम चरित मानस सम्मेलन हरदीभाँठा में द्वितीय दिवस श्रोताओं का उमड़ा जनसैलाब

Chhattisgarh Crimes

पूरन मेश्राम/मैनपुर। तहसील मुख्यालय मैनपुर से लगे ग्राम पंचायत हरदीभाँठा में शुक्रवार से तीन दिवसीय राज्य स्तरीय श्रीराम चरित मानस सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। प्रथम दिन ही मानस सम्मेलन में हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं की जन सैलाब उमड़ पड़ा पुरा गांव और क्षेत्र का माहौल धार्मिकमय हो गया है। 2 फरवरी शुक्रवार को सुबह 9 बजे पंडित योगेश शर्मा एवं ग्राम के बुजुर्ग सियानो द्वारा विधिवत पूजा अर्चना कर मानस सम्मेलन का शुभारंभ किया। वही दूसरे दिन आज शनिवार को बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी श्रोता जन शामिल हुए जिन्होंने विभिन्न मानस मंडलियों के मुखारविंद से भगवान श्री राम के जीवन पर आधारित श्री रामचरितमानस का व्याख्यान सुना मानस परिवारों द्वारा बताया गया कि मर्यादा पुरूषोत्तम भगवान श्रीराम का जीवन पवित्र है। मुनष्य अगर अपने जीवन में भगवान श्रीराम के पावन चरित्र को उतारता है तो उसका जीवन धन्य हो जाता है रामचरित मानस जीवन जीने की कला सीखाती है।

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मानस सम्मेलन की प्रथम दिन शुक्रवार को ज्ञान ज्योति मानस परिवार, शिव शंकर मानस परिवार हरदीभाँठा, नहानबिरी, नूतन मानस परिवार – टोकरी (अभनपुर) ,जय मां संतोषी महिला मानस परिवार बनवोड़ (खैरागढ़) ,प्रज्ञा मानस परिवार – सोरिद खुर्द,नव ज्योति महिला मानस परिवार भाटागांव (कुरूद), परमेश्वर मानस परिवार सेम्हरतरा (राजिम) दूसरे दिन आज शनिवार को गुरु शिष्य मानस परिवार बोइरगांव, श्रृंगी ऋषि मानस परिवार सिहावा, मंगल माधुर्य मानस परिवार चिखली, कौशल्या के राम मानस परिवार नर्रा, श्रद्धा सुमन बालक मानस परिवार नगरी, युधिष्ठिर मानस परिवार बलौदा बाजार द्वारा देर रात तक प्रस्तुती दी गई और दूसरे दिन हजारों की संख्या में श्रद्धालुगण उमड पड़े। हजारों श्रद्धालुओं के लिए भोजन प्रसादी महाभंडारा का आयोजन किया गया है इस पूरे कार्यक्रम में हरदीभाँठा ग्रामवासियों का भरपुर सहयोग मिल रहा है। पूरे गांव के बालिकाओं और महिलाओं ने गांव के सभी गलियों में आकर्षक रंगोली से गांव को सजा रहे हैं।

इस मौके पर प्रमुख रूप से पंडित योगेश शर्मा, लालाराम पटेल, धनसाय सोनवानी, विश्राम यादव, रफीक खान, रामसाय निर्मलकर, सुकराम निर्मलकर, सालिक राम पटेल, राजकुमार सोनवानी, नरेश डोंगरे, श्याम विश्वकर्मा, डोमार पटेल, रमेश ठाकुर, पंचम राम पटेल, खगेश्वर साहू, रामजी साहू, थानुराम पटेल, महेश कश्यप, भागीरथी निषाद, लोचन निर्मलकर, यातिराम पटेल, लखन जगत, सुन्दर निर्मलकर, लोचन साहू, शेखर पटेल, रामरतन पटेल, महेन्द्र पटेल, सुनील साहू, दुष्यंत साहू, मुरारी पटेल, मुकुन्द निर्मलकर, उमेन्द्र निर्मलकर, पुष्पेन्द्र पटेल, चन्द्रशेखर, तेजेश्वर सोनवानी, रूपेश साहू, मनोज निर्मलकर, सवितानंद साहू, रोशन पटेल, चुम्मन पांडेय, गोंविद पटेल, नंदकिशोर पटेल, वरूण पटेल, गगन निर्मलकर, हेमंत पटेल, गौकरण यादव, चांनद पटेल, मनीष निर्मलकर, हर्षवर्धन साहू, कोमल साहू, दुर्गेश निर्मलकर, तेजकुमार पटेल, तिजेश निर्मलकर, कोविद पटेल, दिपेन्द्र साहू, दुष्यंत पटेल, हरीश यादव, गजेन्द्र पटेल, गजेन्द्र यादव, गजांनंद साहू, भावेश साहू, भांगचंद निर्मलकर, झावेश देवांगन, योगेश निर्मलकर, गौरव पटेल, अरूण पटेल, योगेश निषाद, भूपति सोनवानी, भावेश साहू, गुलशन साहू, दिनेश सचदेव, पारस सिन्हा, नरेश सिन्हा, आदेश पटेल, लिबास पटेल सहित हजारों की संख्या में हरदीभाँठा मैनपुर व आसपास ग्रामों के ग्रामीण उपस्थित थे।