बिलासपुर में मरहीमाता मंदिर से लौट रहे दर्शनार्थियों पर रविवार शाम टाटीधार के पास हमला किया गया। पिकअप को साइड देने को लेकर हुए विवाद में बदमाशों ने एक बच्चे का सिर फोड़ दिया और महिलाओं सहित कई लोगों को घायल कर दिया।
घायलों की शिकायत पर बेलगहना थाने में बाइक और पिकअप सवार अज्ञात बदमाशों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। थाना प्रभारी हेमंत सिंह ने बताया कि बाइक नंबर के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है और उनकी तलाश जारी है।
यह घटना उस समय हुई जब एक ही परिवार के सदस्य मरहीमाता मंदिर में दर्शन कर पिकअप से अपने गांव लौट रहे थे। असामाजिक तत्वों ने उन पर हमला कर दिया।
विवाद पिकअप को साइड देने जैसी मामूली बात पर शुरू हुआ। इसके बाद मोटरसाइकिल और दूसरी पिकअप में सवार बदमाशों ने रास्ता रोककर महिलाओं, बच्चों और पुरुषों को लाठी-डंडों, मुक्कों और पत्थरों से पीटा। इस हमले में परिवार के कई सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए। कोटा पुलिस ने पहले शिकायत दर्ज की थी, जिसे बाद में बेलगहना पुलिस को सौंप दिया गया।
इस हमले में परिवार के कई सदस्य लहूलुहान हो गए। विश्राम प्रकाश बघेल और उनकी पत्नी चंद्रिका के शरीर पर गहरी चोटें आईं। उनके बेटे अजीत का सिर फट गया, जबकि अन्य परिजनों को भी गंभीर चोटें लगीं। स्थानीय ग्रामीणों ने बीच-बचाव किया, जिसके बाद आरोपी धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए।
पुलिस के अनुसार, पीड़ित विश्राम प्रकाश बघेल (खेती-किसानी) अपने भाई हेम कुमार, पत्नी चंद्रिका, बेटों अजीत और इंद्रजीत, भाई-बहू सरस्वती बंजारे और अन्य परिजनों के साथ पिकअप वाहन में सवार होकर भनवारटंक स्थित प्रसिद्ध मरहीमाता मंदिर दर्शन करने गए थे। यह हमला मंदिर से लौटते समय हुआ।
टाटीधार पुल के पास की घटना
रविवार 24 मई की शाम जब पूरा परिवार दर्शन कर वापस लौट रहा था, तभी टाटीधार से कुछ दूर पहले पुल के पास पीछे से आ रही एक मोटरसाइकिल (क्रमांक सीजी 10 सीडी 4419) पर सवार तीन युवक और उनके कुछ अन्य साथी (जो एक अन्य पिकअप में थे) वहां पहुंचे।
साइड देने के विवाद पर एकराय होकर बरपाया कहर
आरोपियों ने रास्ते में पिकअप को साइड देने की बात को लेकर विवाद शुरू कर दिया। देखते ही देखते बाइक सवार और उनके पिकअप वाले साथी गुट बनाकर पीड़ित परिवार को गालियां देने लगे। जब विश्राम प्रकाश ने गाली देने से मना किया, तो बदमाशों ने हाथ, मुक्कों और डंडों से उन पर हमला कर दिया।
पति और पिता को पिटता देख जब पत्नी चंद्रिका, बेटे अजीत, इंद्रजीत और भाई-बहू सरस्वती बंजारे बीच-बचाव करने दौड़े, तो हमलावरों ने महिलाओं और बच्चों को भी नहीं बख्शा। बदमाशों ने उन पर लाठी-डंडों और पत्थरों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया।