कोरबा जिले के कूदमुरा बस स्टैंड में रविवार शाम तेज आंधी-तूफान के दौरान एक विशाल बरगद का पेड़ जड़ से उखड़कर गिर गया

Chhattisgarh Crimesकोरबा जिले के कूदमुरा बस स्टैंड में रविवार शाम तेज आंधी-तूफान के दौरान एक विशाल बरगद का पेड़ जड़ से उखड़कर गिर गया। हादसे में एक महिला पेड़ के नीचे दब गई। ग्रामीणों, पुलिस और वन विभाग की तत्परता से महिला को सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका उपचार जारी है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रविवार शाम करीब 7 बजे कूदमुरा क्षेत्र में अचानक तेज आंधी-तूफान शुरू हो गया। तेज हवाओं के कारण बस स्टैंड परिसर में वर्षों पुराना बरगद का विशाल पेड़ जड़ से उखड़कर धराशायी हो गया। उस समय बस स्टैंड पर कई लोग मौजूद थे, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हालांकि कई लोग समय रहते हट गए और बड़ी दुर्घटना टल गई।

हादसे में चचिया निवासी राजकुमारी पेड़ की चपेट में आकर उसके नीचे दब गईं। महिला की चीख-पुकार सुनकर आसपास मौजूद लोग तत्काल मदद के लिए दौड़े और राहत कार्य शुरू किया।

घटना की जानकारी मिलते ही कूदमुरा सरपंच प्रतिनिधि महेश राठिया, वन विभाग की टीम और पुलिस मौके पर पहुंची। सभी ने मिलकर पेड़ की भारी शाखाओं को हटाया और महिला को सुरक्षित बाहर निकाला।

डायल-112 से अस्पताल पहुंचाया

राहत कार्य के बाद घायल महिला को डायल-112 की मदद से तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया। चिकित्सकों के अनुसार महिला के हाथ-पैर में चोटें आई हैं, लेकिन उनकी हालत खतरे से बाहर है। अस्पताल में उनका उपचार जारी है।

जर्जर पेड़ों की जांच की उठी मांग

घटना के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन से सार्वजनिक स्थानों पर लगे पुराने और जर्जर पेड़ों की जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि बस स्टैंड, स्कूल, अस्पताल और अन्य भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में ऐसे पेड़ आंधी-तूफान के दौरान गंभीर खतरा बन सकते हैं।

ग्रामीणों ने मांग की है कि संभावित दुर्घटनाओं को रोकने के लिए पुराने पेड़ों का नियमित निरीक्षण कराया जाए और जरूरत पड़ने पर उन्हें हटाने की कार्रवाई की जाए।